ईरान-इजराइल जंग के बीच अमेरिकी शेयर बाजार 900 अंक गिरा:47,000 अंक पर कारोबार कर रहा; कच्चे तेल की कीमतें और बेरोजगारी दर बढ़ने का असर

अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के बीच अमेरिकी शेयर बाजार डाउ जोंस में आज 6 मार्च को 2% की गिरावट है। डाउ जोंस 900 अंक से ज्यादा गिरकर 47,000 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। टेक बेस्ड इंडेक्स नैस्डैक कंपोजिट में 1.73% और SP 500 इंडेक्स में 1.74% की गिरावट है। नैस्डैक कंपोजिट 400 अंक गिरकर 22,353 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। SP 500 इंडेक्स 120 अंक गिरा, यह 6,711 के स्तर पर है। अमेरिकी बाजार में गिरावट के 5 प्रमुख कारण 1. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी: ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम 5.7% बढ़कर 90.25 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गए हैं। तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने का डर है, जिससे निवेशकों का सेंटिमेंट बिगड़ गया है। 2. अमेरिका में रोजगार बढ़ने के बजाय घटा: ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स (BLS) के शुक्रवार को जारी डेटा के मुताबिक, पिछले महीने नॉन-फार्म पेरोल में 92,000 की कमी आई। फरवरी में बेरोजगारी दर बढ़कर 4.4% हो गई। इसका सीधा मतलब है कि लेबर मार्केट कमजोर हो रहा है और कंपनियां छंटनी कर रही हैं। 3. स्टैगफ्लेशन का डर: बाजार में सबसे बड़ा डर ‘स्टैगफ्लेशन’ को लेकर है। यह वह स्थिति है जब आर्थिक विकास रुक जाए, लेकिन महंगाई बढ़ती रहे। कमजोर जॉब डेटा और बढ़ती तेल कीमतों ने इस डर को सच साबित कर दिया है। 4. ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें खत्म: पहले उम्मीद थी कि फेडरल रिजर्व इस साल कम से कम दो बार ब्याज दरों में कटौती करेगा, लेकिन अब महंगाई बढ़ने के खतरे को देखते हुए ट्रेडर्स को लग रहा है कि शायद इस साल सिर्फ एक ही बार कटौती हो पाए। ऊंची ब्याज दरें हमेशा शेयर बाजार के लिए निगेटिव होती हैं। 5. रिटेल सेक्टर की कमजोर कमाई: बाजार में गिरावट की एक वजह कंज्यूमर स्पेंडिंग में कमी भी रही। हालिया रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी रिटेल कंपनियों का रेवेन्यू उम्मीद से काफी कम रहा है। यह संकेत है कि आम अमेरिकी अब खर्च करने में सावधानी बरत रहा है। क्या है स्टैगफ्लेशन?: जब देश की जीडीपी गिर रही हो या स्थिर हो, बेरोजगारी बढ़ रही हो और साथ ही सामान की कीमतें (महंगाई) भी बढ़ रही हों, तो उसे स्टैगफ्लेशन कहते हैं। ऐसी स्थिति से निपटना किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण होता है। एशियाई बाजार आज तेजी के साथ बंद भारतीय शेयर बाजार 1097 अंक गिरकर बंद हुआ वहीं भारतीय शेयर बाजार में आज यानी 6 मार्च को गिरावट रही। सेंसेक्स 1097 अंक (1.37%) गिरकर 78,919 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 315 अंक (1.27%) की गिरावट रही। ये 24,450 पर आ गया। आज के कारोबार में बैंक, रियल्टी और ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली रही। जियोपॉलिटिकल तनाव और जंग जैसी स्थिति में महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है। इससे कंपनियों का मुनाफा कम हो सकता है। ऐसे में निवेशक उनके शेयर बेचना शुरू कर देते हैं और इसे सोने-चांदी जैसी सुरक्षित जगह निवेश करते हैं। इससे बाजार में गिरावट आती है। अमेरिकी बाजार में कल भी गिरावट रही थी ये खबर भी पढ़ें… ईरान जंग से रसोई गैस की किल्लत हो सकती है: तेल कंपनियों को LPG प्रोडक्शन बढ़ाने का आदेश; सरकार ने इमरजेंसी पावर इस्तेमाल किया अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग अगर बढ़ी तो भारत में रसोई गैस की किल्लत बढ़ सकती है। इस स्थिति को देखते हुए सरकार ने इमरजेंसी पावर इस्तेमाल करते हुए देश की सभी ऑयल रिफाइनरी कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से गैस की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। इसी खतरे को देखते हुए सरकार ने ये आदेश जारी किया। इसमें कहा गया है कि अब रिफाइनरियां प्रोपेन और ब्यूटेन का इस्तेमाल सिर्फ रसोई गैस बनाने के लिए करेंगी। पूरी खबर पढ़ें…

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *