टोंक जिले के मालपुरा उपखंड क्षेत्र के पचेवर थाना क्षेत्र के बाछेडा गांव के बाड़े में लगी आग से 20 ट्रॉली चारा जलकर राख हो गया। आग की लपेटें इतनी तेज थीं कि देखते-देखते ही देखते आग लंबी दूर तक फैल गई। करीब ढाई घंटे बाद टोडारायसिंह से पहुंची दमकल, लेकिन तब तक ग्रामीणों ने अपने स्तर पर ही आग पर काबू पाया। उसके बावजूद आग से करीब दो लाख रुपये का चारा जलकर राख हो गया। यह आग बाड़े के उपर से निकल रही बिजली की लाइन में शॉर्ट सर्किट होने से लगी है। ग्रामीणों के अनुसार गुरुवार दोपहर करीब पौने बारह बजे मलिकपुर पंचायत के बाछेड़ा गांव में बाड़े में रखे चारे में आग लग गई। आग में राम प्रसाद बलाई, हीरालाल लाल बलाई सहित एक और अन्य का चारा जलकर पूर्णतया राख हो गया। पीड़ित राम प्रसाद ने बताया कि करीब 24 ट्राली से अधिक चारा प्रशासन की लापरवाही के चलते जलकर राख हो गया। अब पशुओं को खिलाने के लिए चारा भी नहीं बचा है। ग्राम वासियों ने बताया कि उन्होंने बाछेड़ा से करीब 3 किलोमीटर दूर मलिकपुर से इंजन मंगा कर पानी के टैंकरों से पानी लाकर गांव के बाड़ों में लगी आग पर काबू पाया। फिर भी तीन किसानों का 24 ट्रॉली चारा जल गया। पीड़ित हीरालाल बलाई ने बताया कि जहां चारा पड़ा है उसके ऊपर से विद्युत तार जा रहे हैं जिन पर किसी पक्षी के करंट की चपेट में आने से शॉर्ट सर्किट होकर चारे में आग लग गई। ग्रामीणों ने दमकल को फोन किया। दमकल ढाई घंटे बाद करीब ढाई बजे मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आग बुझा ली गई थी। दमकल घटनास्थल से 60 किलोमीटर दूर टोडारायसिंह से आई थी। इनपुट: दीपांशु पाराशर, डिग्गी


