जालंधर | रोजा सिर्फ भूखे रहने नहीं बल्कि आंख, कान, जुबान और हाथ का भी रोजा होता है ताकि हम गलत काम न कर पाएं। इसके अलावा अपनी जमा पूंजी, गोल्ड, कैश पर नियमों के अनुसार जकात देना भी अनिवार्य है। यह पाक संदेश नमाजियों को नमाज के दौरान दिया गया। शुक्रवार को 16वां रोजा रखा गया। रमजान के तीसरे जुमे (शुक्रवार) की नमाज अदा की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में रोजेदार मस्जिदों में पहुंचे। ईदगाह सिटी और जालंधर कैंट, बिलाल मस्जिद, जामा मस्जिद, खांबड़ा मस्जिद में हजारों की संख्या में नमाजी पहुंचे। रमजान में गुनाहों को कम करने और सवाब यानी अच्छे कर्मों का फल 70 गुणा तक बढ़ जाता है।


