150 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट मंजूर, घटिया काम करने वाले ठेकेदार पर होगा एक्शन

बजट से पहले विकास कार्यों को गति देने के लिए शुक्रवार को हुई एफएंडसीसी की बैठक में 109 प्रस्तावों पर विचार किया गया, जबकि अब तक कुल 314 प्रस्तावों को मंजूरी मिल चुकी है। इन प्रस्तावों के तहत शहर में करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्य करवाए जाने हैं। पुष्टि करते हुए मेयर इंद्रजीत कौर ने कहा, एफएंडसीसी मीटिंग के फैसलों का सीधा असर शहर के विकास कार्यों, पारदर्शिता और निगम के कामकाज पर पड़ेगा। बैठक में नगर निगम कमिश्नर डॉ. नीरू कत्याल गुप्ता, सीनियर डिप्टी मेयर राकेश पराशर और डिप्टी मेयर प्रिंस जौहर समेत कमेटी के अन्य सदस्य मौजूद रहे। सीएसआर के तहत होने वाले कार्यों की पहले होगी जांच कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) के तहत होने वाले कार्यों के तहत ब्यूटीफिकेशन या मेंटेनेंस का काम देने से पहले एक कमेटी जांच करेगी और प्रोजेक्ट की व्यवाहारिकता और कंपनी की समीक्षा संबंधी अपनी रिपोर्ट एफएंडसीसी को सौंपेगी। काम समझौते के अनुसार नहीं पाए जाने पर एग्रीमेंट रद्द करने की सिफारिश करेगी। कमेटी सुनिश्चित करेगी कि सीएसआर के नाम पर सार्वजनिक स्थानों का व्यावसायिक इस्तेमाल न हो। घटिया गुणवत्ता वाले काम पर ठेकेदार डी-बार: बैठक में हल्का सेंट्रल क्षेत्र में सेंट्रल वर्ज निर्माण कार्य में घटिया सामग्री और खराब गुणवत्ता को लेकर स्थानीय पार्षद और हल्का विधायक ने भी आपत्ति जताई थी। एफएंडसीसी ने जांच के बाद संबंधित ठेकेदार को डी-बार करने का फैसला लिया है। पानी सप्लाई और सीवरेज व्यवस्था निजी कंपनियों को देने का प्रस्ताव अटका: निगम की ओएंडएम शाखा की ओर से 95 वार्डों की पानी सप्लाई, सीवरेज व्यवस्था निजी कंपनियों को सौंपने के लिए क्रमश: तीन साल का करीब 149.28 करोड़ रुपये और एक साल का करीब 45.38 करोड़ रुपए का प्रस्ताव तैयार किया गया था। प्रस्ताव पर सीनियर डिप्टी मेयर राकेश पराशर और डिप्टी मेयर प्रिंस जौहर ने कड़ा एतराज जताया। प्रस्ताव फिलहाल पेंडिंग है। एनएचएआई की संपत्ति पर प्रस्ताव रद्द: बैठक में हॉर्टीकल्चर ब्रांच की ओर से फिरोजपुर रोड पर नेशनल हाईवे के अधीन एलीवेटेड रोड के नीचे बने सेंट्रल वर्ज को सीएसआर के तहत निजी कंपनी को ब्यूटीफिकेशन के लिए देने के प्रस्ताव को भी निगम की हद का सवाल उठाते हुए रद्द कर दिया गया। गौर होकि प्रस्ताव के तहत संपत्ति नगर निगम की नहीं बल्कि एनएचएआई के अधीन आती है। सप्लीमेंट्री प्रस्तावों पर टली मंजूरी: 109 प्रस्तावों पर चर्चा पूरी होने के बाद पेश 70 सप्लीमेंट्री प्रस्तावों को राकेश पराशर व प्रिंस जौहर ने नजरअंदाज कर दिया। इन पर अगली मीटिंग में चर्चा होगी। अवैध रेहड़ी-फड़ी और अवैध निर्माण का मुद्दा भी उठा: डिप्टी मेयर प्रिंस जौहर ने आत्म नगर समेत कई इलाकों की मुख्य सड़कों पर अवैध रेहड़ी-फड़ी की संख्या लगातार बढ़ने पर तहबाजारी ब्रांच के नोडल अधिकारी जसदेव सेखों को कार्रवाई के निर्देश देने की बात कही। सत्ताधारी नेता की ओर से कार्रवाई रुकवाने के आरोप पर उन्होंने सुझाव दिया कि बिल्डिंग ब्रांच की कार्यप्रणाली की जांच को कमेटी बनाई जाए। मेयर ने भी सहमति जताई।

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