बालकनी की दीवार गिरने का मामला:43 साल पुरानी मस्जिद, क्षमता 1 हजार की, जुमे पर 5 हजार नमाजी पहुंचे; बालकनी पर लोड बढ़ा तो भरभरा कर गिर गई

भट्टा बस्ती स्थित फिरदौस मस्जिद में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद पहली मंजिल की बालकनी की दीवार गिरने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। मस्जिद का निर्माण 1983 में हुआ था, जिसे करीब 43 साल हो चुके हैं। उस दीवार की तरफ ही ज्यादा लोग पहुंचने से लोड बढ़ गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार मस्जिद में एक साथ करीब 1 हजार लोगों के नमाज पढ़ने की क्षमता है, लेकिन जुमे की नमाज के कारण शुक्रवार को करीब 5 हजार नमाजी पहुंच गए। नमाज करीब दोपहर 2:20 बजे पूरी हुई। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग पहली मंजिल की बालकनी में आ गए और दीवार का सहारा लेने लगे। इसी दौरान 2:30 बजे सिंगल ईंट की बनी बालकनी की दीवार अचानक भरभरा कर गिर गई। गनीमत रही कि बालकनी में मौजूद लोग एक-दूसरे का सहारा लिए हुए थे, जिससे कोई भी नीचे नहीं गिरा। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और घायलों को तुरंत कांवटिया अस्पताल व बाद में एसएमएस के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। जांच के लिए 3 सदस्यीय कमेटी हादसे के बाद कलेक्टर जितेंद्र सोनी ने एडीएम साउथ युगांतर शर्मा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। कमेटी में एडिशनल डीसीपी साउथ बजरंग सिंह शेखावत और हवामहल-आमेर जोन उपायुक्त सीमा चौधरी सदस्य हैं। कमेटी पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपेगी। 11 घायल SMS अस्पताल में भर्ती हादसे में 25 लोग घायल हुए हैं। इनमें 11 को एसएमएस में भर्ती कराया है। 3 मरीज आईसीयू में और 8 मास्क कैजुअल्टी वार्ड में हैं। घायलों में 10 पुरुष और एक महिला शामिल हैं। इनमें मोहम्मद सोयल, मोहम्मद खुर्शीद (26), ईशान (3), अब्दुल समद (46), मोहम्मद असलम (45), मोहम्मद इकबाल (19), मोहम्मद सोयल (22), मोहम्मद आरिफ (60), शाइन (29) और आफताब (15) शामिल हैं। नमाज के बाद चप्पल पहन रहा था, तभी दीवार गिर गई इकबाल ने बताया कि वह नमाज पढ़ने मस्जिद गया था। नमाज के बाद चप्पल पहन ही रहा था कि अचानक ऊपर से दीवार गिर गई। हादसे में उसकी जांघ के पास फ्रैक्चर हो गया। पति की कमर में चोट
ट्रॉमा सेंटर में भर्ती अब्दुल की पत्नी ने बताया कि उनके पति सिलाई का काम करते हैं और परिवार में अकेले कमाने वाले हैं। हादसे में उनकी कमर में चोट लगी है। 3 साल के इशान के सिर में चोट
हादसे के समय तीन साल का इशान भी वहीं मौजूद था। लोगों के जाने के दौरान अचानक दीवार गिरने से वह मलबे के नीचे दब गया। उसके सिर में चोट आई है। नमाज पढ़ने गया था बेटा
घायल सोहेल की मां ने बताया कि पूरा परिवार नमाज पढ़ने गया था। इसी दौरान दीवार गिरने से उनके बेटे के सिर में चोट लग गई। ट्रॉमा सेंटर में 11 घायल लाए गए। इनमें तीन के सिर में गंभीर चोट होने से आईसीयू में इलाज चल रहा है। अन्य आठ मरीजों के हाथ-पैर, पेल्विक, फीमर और कंधे में फ्रैक्चर है। -डॉ. राजेन्द्र मांडिया, ट्रॉमा सेंटर प्रभारी, एसएमएस अस्पताल

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