शिक्षक दो महीने से एसआईआर में लगे थे। यह काम अभी पूरी ही हुआ है कि अब शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना कार्य में लगाने का काम प्रारंभ हो गया है। जयपुर के एक हजार से अधिक शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जा चुकी है और उनको 6 मार्च को जनगणना सेल में ड्यूटी देने के निर्देश दिए गए हैं। वार्षिक परीक्षा से ठीक पहले इस प्रकार ड्यूटी लगाए जाने का शिक्षक संगठनों ने विरोध किया है। उनका कहना है कि 7 मार्च से वार्षिक परीक्षा है। इसके बाद 25 मार्च को परिणाम जारी करना है। एक अप्रैल से नया सत्र प्रांरभ होगा। ऐसे में इन शिक्षकों की ड्यूटी लगने से यह काम प्रभावित होने की संभावना है। शिक्षा संकुल में 6 मार्च को शिक्षा सचिव ने शिक्षक संगठनों को वार्ता के लिए बुलाया है। इस बैठक में भी यह मुद्दा छाया रहेगा। शिक्षक संगठनों का कहना है कि इस काम के लिए किसी एनजीओ या संविदाकर्मियों को लगाया जाए। शिक्षकों को बच्चों को पढ़ाने का काम ही करने दिया जाए। शिक्षकों को पढ़ाने का ही समय नहीं मिल पा रहा: अरस्तु अखिल राजस्थान विद्यालय शिक्षक संघ (अरस्तु) के प्रवक्ता देवकरण गुर्जर बोले- 2 महीने से शिक्षक एसआईआर में लगे थे। उनको पहले से ही पढ़ाने का समय नहीं मिल पा रहा था। अब जनगणना कार्य में ड्यूटी से नई मुसीबत खड़ी हो गई है। स्कूलों में वार्षिक परीक्षा शुरू होनी है। 25 मार्च को परिणाम जारी करना है। विभाग इस बार एक अप्रैल से नया सत्र प्रारंभ कर रहा है। ऐसे में यह सभी काम प्रभावित होने के आसार हैं। हम यह मुद्दा शिक्षा विभाग की शिक्षक संगठनों के साथ होने वाली बैठक में उठाएंगे। राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा का कहना है कि शिक्षकों की ड्यूटी लगने से कई स्कूल ऐसे होंगे जहां परीक्षा के लिए पर्याप्त शिक्षक ही नहीं बचेंगे। विभाग को इस काम को गर्मी की छुटि्टयों में कराना चाहिए। यह मुद्दा शिक्षा सचिव के समक्ष रखा जाएगा और परेशानी से अवगत कराएंगे।


