बांसवाड़ा के गढ़ी क्षेत्र के आंजना निवासी निश्चल जैन ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में 119वीं रैंक हासिल की हैं। उन्हें पांचवें प्रयास में सफलता मिली। निश्चल ने बताया कि उन्होंने किसी बिना कोचिंग की सहायता से सेल्फ स्टडी से सफलता हासिल की। निश्चल के पिता विनोद जैन गढ़ी क्षेत्र के सेमलिया स्कूल में प्रिंसिपल है, जबकि मां लता जैन गृहिणी हैं। पुरानी रैंक में सुधार, अब बनेंगे IAS निश्चल का चयन इससे पूर्व यूपीएससी 2023 की भर्ती में भी हुआ था, जहां उन्होंने 460वीं रैंक हासिल की थी। उस समय उन्हें भारतीय रक्षा लेखा सेवा (IDAS) विभाग आवंटित हुआ था। निश्चल ने विभाग जॉइन करने के बाद एक साल की छुट्टी ली और फिर से तैयारी में जुट गए। वर्तमान में वे 2023 की भर्ती के तहत ट्रेनिंग कर रहे हैं, लेकिन अब बेहतर रैंक आने से उनका आईएएस बनने का सपना पूरा हो सकेगा। सफलता का सफर: कई सरकारी नौकरियों को छोड़ा जुलाई 2000 में जन्मे निश्चल शुरू से ही मेधावी रहे हैं। यूपीएससी से पहले उनका चयन मुंबई कस्टम विभाग, एग्रीकल्चर ऑफिसर और बैंक अधिकारी के पदों पर भी हो चुका था, लेकिन प्रशासनिक सेवा के लक्ष्य के कारण उन्होंने इन पदों पर जॉइन नहीं किया। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि की बात करें तो कक्षा 1 से 10वीं तक की पढ़ाई परतापुर में हुई, जिसके बाद 11वीं और 12वीं उदयपुर से की। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से गणित विषय में बीएससी ऑनर्स किया है। ग्रेजुएशन के बाद कोविड काल में उन्होंने एक साल घर पर ही रहकर नींव मजबूत की। कठिन संघर्ष और निरंतरता अनुशासन और छोटे टारगेट पर फोकस निश्चल ने बताया कि शुरुआत में उन्हें कुछ समझ नहीं आता था, लेकिन धीरे-धीरे विषय पर पकड़ मजबूत होती गई। वे सुबह 6 बजे उठकर अनुशासन के साथ पढ़ाई करते थे। पढ़ाई के तनाव को दूर करने के लिए वे पॉडकास्ट सुनते थे, क्रिकेट मैच देखते थे और नियमित रूप से अखबार पढ़ते थे। वे लंबे लक्ष्यों के बजाय छोटे-छोटे टारगेट बनाकर पढ़ाई करने पर जोर देते थे।


