राजस्थान किसान आयोग के अध्यक्ष सी.आर. चौधरी ने जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर कृषि एवं किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा की। बैठक में किसानों की समस्याओं, कृषि विकास कार्यक्रमों तथा राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। किसानों को योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के निर्देश
अध्यक्ष चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की समस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य किया जाए। साथ ही किसानों को राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था की आधारशिला है, इसलिए किसानों के हितों की रक्षा और उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है। फसल उत्पादन और बीमा योजना की समीक्षा
बैठक में जिले में फसल उत्पादन, उर्वरक और बीज की उपलब्धता, कीट एवं रोग नियंत्रण तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समय पर समाधान प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। फसल विविधीकरण और प्राकृतिक खेती पर जोर
चौधरी ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए फसल विविधीकरण, आधुनिक कृषि उपकरणों के उपयोग और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों को किसानों के साथ नियमित संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करने को कहा। पीपीटी के माध्यम से दी योजनाओं की जानकारी
बैठक के दौरान जिला स्तरीय अधिकारियों ने जिले में संचालित कृषि योजनाओं की प्रगति के बारे में प्रोजेक्टर पर पीपीटी के माध्यम से विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इस अवसर पर कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक विनोद कुमार जैन, उद्यान विभाग के उपनिदेशक शंकर सिंह राठौड़, आत्मा परियोजना निदेशक संतोष तंवर, सहायक निदेशक धीरेंद्र सिंह राठौड़, सहायक निदेशक मुख्यालय किशन गोपाल जाट सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।


