छत्तीसगढ़ के युवाओं को नौकरी देकर ऑनलाइन सट्टा पैनल और पेमेंट गेट-वे चलाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ 28 फरवरी रायपुर कमिश्नरेट के अधिकारियों ने किया है। पुलिस ने सट्टा सिंडिकेट के 2 मुख्य सरगना प्रतीक कुमार वीधवानी और सैंकी देवड़ा को रायपुर से पकड़ा है। इन आरोपियों की निशानदेही पर गोवा में बैठकर सट्टा खिलाने वाले पांच आरोपी, लैपटॉप, मोबाइल, सिम और करोड़ो रुपए का ट्रांजेक्शन मिला है। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया, कि महादेव सट्टा के प्रमोटर्स अब 21 ऑनलाइन सट्टा एप संचालित कर रहे हैं। इन ऐप के माध्यम से आने वाले पैसों को वो रिकवरी करते थे और ऑनलाइन ऐप के माध्यम से अकाउंट्स में ट्रांसफर करके उनको डिजिटल करेंसी में तब्दील करके महादेव सट्टा सिंडिकेट के बताए देशों में ट्रांसफर करते थे। आरोपियों का रिश्तेदार सौरभ चंद्राकर का करीबी है। उस रिश्तेदार की मदद से आरोपियों को पैनल का पैसा वसूलने और उसको ठिकाने लगाने का काम मिला है। आरोपी वसूली और ट्रांजेक्शन के काम को 10 प्रतिशत कमीशन के बेस पर कर रहे थे। ये पैनल महादेव सिंडिकेट में मर्ज हए पुलिस अधिकारियों के अनुसार रेड्डी अन्ना के अलावा रेड्डी क्लब, FBBET77, सीबीएफटी ऑनलाइन बुक, बेटभाई बुक, फेयरप्ले, सुपरविन, विनबज, जन्नत बुक, महाकाल बुक, राजवीर ऑनलाइन बुक, लोटस 365, लेजर बुक, कोहनूर बुक, अलीबाबा बुक, खेलोयार, एसडी बुक, लॉयन बुक, स्काईएक्सचेंज और डायमंडएक्स डॉट काम शामिल हैं। छत्तीसगढ़ के लड़को को नौकरी पर रख रहा सिंडिकेट पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया, कि युवाओं को 30-40 हजार रुपए प्रतिमाह नौकरी पर रखा जाता है। रायपुर के अलावा जांजगीर, भिलाई, बेमेतरा और दुर्ग के युवक इसमें शामिल है। इन युवकों को रहने, खाने की व्यवस्था भी सट्टा खिलाने वाले आरोपियों के द्वारा कराई जाती है। पैनल संचालक हुए हाईटेक पुलिस की जांच में सामने आया है, कि सटोरी अब चाइनीज साफ्टवेयर का इस्तेमाल करके पुलिस को गुमराह करने का काम कर रहे है। आरोपियों की लोकेशन पता पुलिस को पता ना चले, इसलिए हर आधे घंटे में फेक लोकेशन दिखाती है। सटोरियों के इस पैटर्न को तोड़ने के लिए पुलिस साइबर टीम की मदद ले रही है। श्रीलंका, चाइना जा रहा सट्टे का पैसा पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपियों ने बताया, कि सट्टे में हारे खिलाड़ियों से पैसा वसूलकर उसे बिटक्वाइन में तब्दील करके पैनल संचालकों के निर्देश पर उसे दूसरे देशों में ट्रांसफर कर दिया जाता है। हाल ही में कुछ पैसा श्रीलंका, चाइना भेजा गया है। सट्टा सिंडिकेट के खिलाफ जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों ने ईडी को पत्र लिखकर जांच में शामिल करने की बात कही है।


