रेप पीड़िता का परिवार 12 साल के लिए सामाजिक बहिष्कृत:बलरामपुर में पुलिस से शिकायत की तो पंचायत ने सुनाया दंड,7 माह की प्रेग्नेंट है युवती

बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर ब्लॉक में रेप पीड़िता के परिवार को गांव की पंचायत ने 12 सालों के लिए समाज से बहिष्कृत कर दिया है। युवती ने अपने प्रेमी के खिलाफ रेप की एफआईआर दर्ज कराई तो मामले में पंचायत ने यह फैसला सुना दिया। युवती सात माह की प्रेग्नेंट है। पंचायत के सरपंच ने स्वीकार किया कि युवती के परिवार को बहिष्कृत किया गया है। मामला बसंतपुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार गांव की एक युवती की करीब एक वर्ष से गांव के ही युवक की दोस्ती थी। युवक ने शादी का झांसा देकर युवती से कई बार संबंध बनाए। इस बीच युवती प्रेग्नेंट हो गई। युवती ने शादी के लिए दबाव डाला तो युवक शादी करने से मुकर गया। पीड़िता ने अपने परिवार को इसकी जानकारी दी और शिकायत थाने में की। मामले में कार्रवाई करते हुए बसंतपुर पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पंचायत ने दिया सामाजिक फैसला, परिवार बहिष्कृत
युवती द्वारा पुलिस से शिकायत किए जाने व कार्रवाई के बाद पंचायत ने बैठक बुलाकर युवती के परिवार एवं उसका सहयोग करने वाले ममेरे भाई के परिवार को समाज से 12 सालों के लिए बहिष्कृत कर दिया है। पंचायत के सरपंच जवाहिर लाल ने कहा कि युवती यह सच्चाई बताए कि उसके पेट में पल रहा बच्चा किसका है। उसके द्वारा युवक को फंसाया जा रहा है। इस कारण युवती के परिवार को समाज से बहिष्कृत किया गया है। पंचायत के इस निर्णय के बाद परिवार को गांव के सामाजिक कार्यक्रमों, धार्मिक आयोजनों और सामुदायिक गतिविधियों से दूर रहने के लिए कहा गया। दोनों परिवारों द्वारा आयोजित किसी भी कार्यक्रम में समाज के लोग शामिल नहीं होंगे। पैर धोकर पानी से नहलाने की शर्त, बकरा भात भी खिलाना होगा पंचायत द्वारा पीड़िता के परिवार को वापस समाज में जोड़ने के लिए कुछ अपमानजनक शर्तें भी रखी गई हैं। सरपंच ने कहा कि यदि पीड़िता का परिवार अपनी “गलती” स्वीकार करता है, तो उन्हें पूरे गांव के लोगों के पैर धोकर उस पानी से नहलाया जाएगा। इसके अलावा दंड के रूप में पूरे समाज को बकरा-भात खिलाना होगा और शराब पिलाना होगा। इसके बाद परिवार की समाज में वापसी हो सकेगी। SDM ने कहा-संज्ञान में है मामला मामले की शिकायत परिवार ने वाड्रफनगर एसडीएम एवं एसडीओपी से की है। वाड्रफनगर SDM नीरनिधि नन्देहा का कहना है कि मामला प्रशासन के संज्ञान में आया है। दोनों पक्षों को बुलाकर बैठाया जाएगा और पूरे मामले की जांच के बाद उचित निर्णय लिया जाएगा।

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