राजस्थान में आज सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। रिक्टर स्केल पर 3.5 तीव्रता दर्ज की गई। इसका सबसे ज्यादा असर सीकर जिले में रहा। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCFS) के अनुसार भूकंप का केंद्र जयपुर से 69 किलोमीटर दूर नॉर्थ वेस्ट साइड में धरती से 5 किलोमीटर नीचे था। सुबह करीब 6.30 बजे आए भूकंप की तीव्रता कम होने से जान-माल की हानि नहीं हुई है। अजीबो-गरीब आवाज सुनाई देने का दावा जानकारी के अनुसार सीकर जिले में भूकंप के झटके सबसे ज्यादा खाटूश्यामजी, पलसाना, धींगपुर और उसके आसपास के एरिया में महसूस किए गए। करीब एक- दो सेकेंड तक लोगों को धरती में कंपन महसूस हुआ। पलसाना में लोगों ने बताया कि उनके घर में खिड़की-दरवाजे भी हिले थे। कुछ इलाकों में भूकंप के साथ कुछ अजीब आवाजें भी सुनाई दीं। इन एरिया के ग्रामीणों का दावा है ये आवाजें भूकंप के कारण ही आ रही थीं। जयपुर सहित कई एरिया हाई-रिस्क जोन में करीब 3 महीने पहले ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडड्र्स ने देश का नया भूकंप जोखिम नक्शा जारी किया था। इसमें जयपुर के अलावा अलवर-भिवाड़ी भी हाई रिस्क जोन में बताया गया था। हाई रिस्क जोन का मतलब 5 से 6 रिक्टर स्केल के झटके आ सकते हैं। हालांकि, नए मैप में सीकर शामिल नहीं था, लेकिन अनुमान है कि जयपुर के पास होने के कारण वहां भी कभी-कभी हल्के झटके आ सकते हैं। अरावली में भूकंप के प्रमुख कारण एक्सपर्ट के अनुसार अरावली क्षेत्र में जमीन के भीतर की दरार (Fault Line) मानवीय हलचलों के कारण सक्रिय हो गई है, जिससे भूकंप के झटके आ रहे हैं। खनन के लिए भारी विस्फोटकों का इस्तेमाल अरावली के भीतरी हिस्से को खोखला कर रहा है, जिससे प्लेटें प्रभावित हो रही हैं। करीब 100-200 फीट से लेकर 900 फीट गहराई तक पानी निकालने से जमीन के नीचे का संतुलन बिगड़ रहा है। पहाड़ियों को काटकर निर्माण कार्य और सुरंगे बनाना भी इस क्षेत्र को कमजोर बना रहा है। …. ये खबर भी पढ़ें राजस्थान-पहली बार जयपुर भूकंप की ज्यादा खतरनाक कैटेगरी में:2 और शहर भी रेड जोन में, सैकड़ों पुरानी बिल्डिंग गिरने की चेतावनी जयपुर भूकंप के लिहाज से हाई रिस्क जोन में है। जयपुर के अलावा अलवर-भिवाड़ी भी हाई रिस्क जोन में हैं। हाई रिस्क जोन का मतलब 5 से 6 रिक्टर स्केल के झटके आ सकते हैं। जो सैकड़ों पुरानी बिल्डिंगों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। (पूरी खबर पढ़ें)


