अनुदानित यूरिया को अवैध रूप से औद्योगिक उपयोग में लेकर डीजल वाहनों के लिए डीईएफ (डीजल एग्जॉस्ट फ्लूड) बनाने के मामले में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। छापेमारी में भारी मात्रा में सब्सिडी वाला यूरिया जब्त कर नमूने लिए गए। कृषि मंत्री डॉ.किरोड़ी लाल मीणा के निर्देश पर शनिवार को विभाग की टीमों ने सांगानेर क्षेत्र के मुहाना मंडी इलाके में कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान मुहाना गांव की हवालों की ढाणी में दिनेश पुत्र राधेश्याम शर्मा के यहां से 1104 अनुदानित यूरिया के कट्टे जब्त किए गए। जब्त कट्टों को ग्राम सेवा सहकारी समिति मुहाना को सौंपा गया। पेट्रोसाइन कंपनी से भी यूरिया बैग जब्त इसके अलावा कपूरावाला क्षेत्र में स्थित ABI पेट्रोसाइन कंपनी से भी 50 यूरिया बैग जब्त किए गए, जिन्हें ग्राम सेवा सहकारी समिति कपूरावाला को सौंपा गया। कृषि विभाग की तीन अलग-अलग टीमों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए यूरिया की जब्ती और नमूना आहरण की प्रक्रिया पूरी की। मौके से HURL कंपनी के 1154 भरे हुए यूरिया के कट्टे और 821 खाली बैग भी बरामद किए गए। एक यूरिया कट्टे की कीमत 2189.50 रुपए कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि जब्त किए गए यूरिया के एक कट्टे की कीमत 2189.50 रुपये है, जिसमें 1923 रुपये का सरकारी अनुदान शामिल है। किसानों को यह यूरिया 266.50 रुपये प्रति कट्टा में उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने बताया कि यह मामला यूरिया डायवर्जन का है, जिसमें अनुदानित यूरिया का औद्योगिक उपयोग प्रतिबंधित है। यह उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की धारा 25 के तहत दंडनीय अपराध है। उद्योगों में उपयोग के लिए बिना अनुदान वाला तकनीकी ग्रेड यूरिया इस्तेमाल किया जा सकता है। कृषि मंत्री ने कहा कि अनुदानित यूरिया का डीईएफ, कलर पेंट, प्लाईवुड और पशु आहार जैसी फैक्ट्रियों में हो रहे दुरुपयोग को रोकने के लिए राज्य स्तर पर जल्द ही सघन निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा।


