फाजिल्का में कृषि विभाग ने की कपास फैक्ट्रियों की जांच:गुलाबी सुंडी रोकने के लिए फ्यूमीगेशन के आदेश, फेरोमन ट्रैप चेक किए

फाजिल्का में कपास की फसल को गुलाबी सुंडी से बचाने के लिए कृषि विभाग अब दफ्तरों से बाहर निकलकर सक्रिय हो गया है। कृषि विभाग द्वारा गुलाबी सुंडी को लेकर कपास की फसल पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इसी के तहत फाजिल्का जिले के मुख्य कृषि अधिकारी डॉक्टर हरप्रीतपाल कौर ने अपनी टीम के साथ इलाके की जिनिंग फैक्ट्रियों का दौरा किया और फैक्ट्री मालिकों को जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए। मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. हरप्रीतपाल कौर ने बताया कि कपास की फसल में गुलाबी सुंडी के फैलाव को रोकने के लिए जिनिंग फैक्ट्री में सफाई और फ्यूमीगेशन करना बहुत जरूरी है। इसलिए विभाग की टीम द्वारा फैक्ट्रियों का दौरा करके वहां रखे कपास और अन्य सामग्री की जांच की गई। फैक्ट्री में लगे फेरोमन ट्रैप चेक किए गए, जिसमें कोई भी गुलाबी सुंडी का पतंगा नहीं पाया गया। उन्होंने फैक्ट्री मालिकों को हिदायत दी है कि गुलाबी सुंडी के संभावित फैलाव को रोकने के लिए स्टोर की गई कपास पर फ्यूमीगेशन करवाई जाए और फैक्ट्री में पूरी सफाई बनाकर रखी जाए।
पड़े कपास से निकलता है गुलाबी सुंडी का लार्वा डॉ. हरप्रीतपाल कौर ने कहा कि जिनिंग फैक्ट्री में पड़े कपास में गुलाबी सुंडी का लार्वा होता है, जिससे गुलाबी सुंडी का पतंगा निकलता है और जो फैलाव का बड़ा कारण बनता है। नियमों के अनुसार उसे नष्ट करना लाजमी है। कृषि विभाग के अधिकारी ने फैक्ट्री मालिकों को यह भी कहा कि वे विभाग द्वारा जारी किए गए आदेशों का पालन सुनिश्चित करें, ताकि आने वाले सीजन में कपास की फसल को गुलाबी सुंडी से बचाया जा सके। कपास के सुरक्षा के उपाय अपनाएं कृषि विभाग ने किसानों और जिनिंग फैक्ट्री मालिकों से अपील की है कि वे विभाग के साथ पूरा सहयोग करें और कपास की फसल की सुरक्षा के लिए जरूरी उपाय अपनाएं। विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी फसलों की नियमित निगरानी करें और किसी भी तरह के संक्रमण के लक्षण दिखने पर तुरंत कृषि विभाग को सूचित करें। कृषि विभाग का यह प्रयास कपास उत्पादकों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आया है, जो पिछले कुछ वर्षों से गुलाबी सुंडी के प्रकोप से जूझ रहे हैं। विभाग का लक्ष्य है कि इस बार कपास की फसल को गुलाबी सुंडी से बचाकर किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।

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