किडनी से दिल तक फैल रहे कैंसर ट्यूमर के बेहद जटिल मामले में डॉक्टरों ने सफल सर्जरी कर मरीज को नया जीवन दिया। राजधानी के सीके बिरला हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने चिकित्सा विज्ञान की चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया को अंजाम देते हुए उस ट्यूमर को निकालने में सफलता पाई, जो शरीर की मुख्य रक्त वाहिका के जरिए हृदय की ओर बढ़ रहा था। अस्पताल के वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट डॉ. लोकेश शर्मा और उनकी टीम ने किडनी कैंसर के इस दुर्लभ मामले की सर्जरी की। डॉक्टरों के अनुसार ट्यूमर किडनी से बढ़ते हुए शरीर की मुख्य नस इंफीरियर वेना कावा (IVC) तक पहुंच चुका था और खून के प्रवाह के साथ हृदय की ओर बढ़ रहा था, जिससे मरीज की जान को गंभीर खतरा था। मरीज को पैरों में सूजन और दर्द की शिकायत डॉ. लोकेश शर्मा ने बताया कि मरीज करीब एक महीने पहले पैरों में सूजन और दर्द की शिकायत के साथ हॉस्पिटल पहुंचा था। जांच में मरीज को गहरी नस घनास्रता पाया गया। आगे की जांच में पता चला कि मरीज को गुर्दे का कैंसर है और ट्यूमर किडनी से निकलकर इंफीरियर वेना कावा तक फैल चुका है। इसके साथ ही मरीज की दोनों कॉमन इलियक वेन्स और पूरी आईवीसी में खून के थक्के जमा थे, जिससे स्थिति और भी जटिल हो गई थी। ट्यूमर टूटने से हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा डॉक्टरों के मुताबिक ऑपरेशन के दौरान सबसे बड़ा जोखिम यह था कि ट्यूमर का कोई हिस्सा टूटकर रक्त प्रवाह के साथ हृदय या मस्तिष्क की धमनियों तक पहुंच सकता था, जिससे मरीज को तुरंत हार्ट अटैक या स्ट्रोक हो सकता था। जोखिम को देखते हुए सर्जरी से पहले मरीज को ब्लड थिनर पर रखा गया और विस्तृत प्री-ऑपरेटिव प्लानिंग की गई। ऑपरेशन के दौरान विशेषज्ञ टीम ने आईवीसी को सावधानी से खोलकर उसके भीतर फंसे ट्यूमर को सफलतापूर्वक बाहर निकाला और क्षतिग्रस्त नस की मरम्मत भी की। सफल सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ और अब मरीज पूरी तरह स्वस्थ है। उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है और नियमित फॉलोअप किया जा रहा है। डॉ. लोकेश शर्मा ने कहा कि आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञता के जरिए कैंसर के जटिल से जटिल मामलों में भी मरीजों की जान बचाई जा सकती है। आगे पढ़ें जयपुर की अन्य खबरें…


