इंदौर में महिलाओं का ‘दिल तो बच्चा है जी’ कार्यक्रम:सखियों ने शिद्दत से खेले बचपन के गेम्स, मनोरंजन के साथ पुरस्कार भी जीते

महिला प्रकोष्ठ अग्रवाल समाज की करीब 120 सखियों ने बुधवार को एयरपोर्ट क्षेत्र स्थित ड्रीम वर्ल्ड रिसोर्ट पर अपने बचपन की शरारतों, मस्तियों और खेलों को ताजा किया, बल्कि एक-दूसरे के साथ साझा भी किया। ‘दिल तो बच्चा है जी’ शीर्षक इस कार्यक्रम का उद्देश्य भी यही था कि विवाह के 25-30 वर्षों के बाद महिलाएं एक बार फिर से अपने बचपन को जीने का लुत्फ उठाएं। ड्रीम वर्ल्ड पर सुबह 10.30 बजे से पहुंची सखियां पूरी तैयारियों के साथ आई और अपनी हम उम्र सहेलियों के साथ सितोलिया, गिल्ली-डंडा, घोड़ा बदाम छाई, खो-खो मोसम्पा भाई मोसम्पा, चेयर रेस जैसे देसी खेलों में जुट गई। रिसोर्ट के तरण पुष्कर का आकर्षण भी उनके सिर चढ़कर बोला और सभी सखियों ने तरण पुष्कर की मुंडेर पर भी अपने बचपन को बड़ी शिद्दत से याद किया, गुनगुनी धूप में तैराकी का आनंद तो लिया ही।प्रकोष्ठ की अध्यक्ष प्रतिभा मित्तल ने बताया कि समाजसेवी अशोक मेहता के आतिथ्य में हुए इस जलसे में आयोजित स्पर्धा में सबसे पहले लकी ड्रा निकाला गया, जिसमें मीना गर्ग, स्वाति पांडे और कविता डालमियां विजेता रही। इसके बाद मेंढक रेस का आयोजन हुआ, जिसमें राधिका अग्रवाल, मुर्गा रेस में सपना राठौर, चेयर रेस में दीपशिखा अग्रवाल एवं अदिति गर्ग, घोड़ा बदामछाई में राधिका और कविता तथा मोसाम्पा-भाई मोसाम्पा जैसे मनोरंजग खेल में अदिति गर्ग और सपना राठौड विजेता रहे। करीब 6 घंटे के इस मेराथन जलसे में सखियों ने अपने बचपन को तो याद किया ही, पुरानी यादों को भी ताजा और साझा करने में भी अव्वल रहीं। शारीरिक और मानसिक व्यायाम की दृष्टि से ‘दिल तो बच्चा है जी’ का यह आयोजन सबको खूब रास आया।

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