पलामू के इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रों का हंगामा:कहा- मेस का खराब खाना खाकर कई छात्र बीमार; मैगी और बिस्किट खाकर कर रहे पढ़ाई

पलामू के लेस्लीगंज स्थित सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रों ने मेस के खराब खाने के विरोध में जमकर विरोध प्रदर्शन किया। गुरुवार की रात 8 बजे से 12 बजे तक चले इस प्रदर्शन में छात्रों ने मेस संचालक को बदलने की मांग की। छात्रों का कहना है कि हॉस्टल में मिलने वाला खाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। कई छात्र एनीमिया और पेट संबंधी बीमारियों से जूझ रहे हैं। मेस की फीस देने के बावजूद उन्हें मैगी और बिस्किट पर निर्भर रहना पड़ता है। छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की छात्रों ने मेस के खाने का वीडियो बनाकर सुखी पूड़ी और तेल भरे खाने की वास्तविकता दिखाई है। नाराज छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। कॉलेज प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। मेस फीस बढ़ाने के बावजूद खाने की गुणवत्ता में सुधार नहीं एक छात्रा ने बताया कि अनुचित भोजन के कारण वह मात्र दो महीने में एनीमिया से ग्रसित हो गई। छात्रों का आरोप है कि मेस फीस बढ़ाने के बावजूद खाने की गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं हुआ है। चार हजार रुपए उनसे मेस चार्ज लिए जा रहे हैं। कॉलेज से छुट्टी लेकर विद्यार्थी घर चले जाते हैं तब भी उनसे मेस की पूरी फीस ली जाती है। प्रिंसिपल के आश्वासन के बाद छात्रों ने बंद किया प्रदर्शन छात्रों ने मेस के ठेकेदार को हटाने और नियमित रूप से मेस की जांच करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने पर वे अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे। इधर, प्रिंसिपल डॉ. संजय कुमार सिंह ने छात्रों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया तब जाकर मामला शांत हुआ। कॉलेज खुलने के बाद विद्यार्थियों के लिए मेस का खोला जाना जरूरी था। खाने की क्वालिटी को लेकर शिकायत है, उसमें सुधार कराया जाएगा। विद्यार्थियों ने मेस संचालन को लेकर मांग पत्र दिया है। विद्यार्थियों से मेस को लेकर नियम बनाने के लिए कहा गया है। फिर उसे लागू कर दिया जाएगा। -डॉ. संजय कुमार सिंह, प्रिंसिपल

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