मुंगेली: छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के स्टेट प्लान ऑफ एक्शन के तहत जिला न्यायालय परिसर मुंगेली में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता और महिलाओं के कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के तैलचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिजा देवी मेरावी ने समाज के निर्माण में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महिलाएँ शिक्षा, प्रशासन और न्यायपालिका सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और परिश्रम से नई ऊँचाइयाँ छू रही हैं। न्यायपालिका में भी महिलाओं की सक्रियता और संवेदनशीलता न्याय व्यवस्था को और अधिक सशक्त बना रही है। इस अवसर पर प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सोम, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुंगेली की सचिव कंचन लता आचला, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश दीपक कुमार शर्मा, अतिरिक्त न्यायाधीश कु. नारायणी कच्छप, चीफ एलएडीसी टीकम चंद्राकर सहित जिला न्यायालय मुंगेली के न्यायाधीश, अधिवक्ता और कर्मचारीगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने महिलाओं के अधिकारों, उनके कानूनी संरक्षण तथा समाज में समान अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर विस्तार से विचार व्यक्त किए। वरिष्ठ और महिला अधिवक्ताओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कार्यस्थल पर महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और समान अवसर वाला वातावरण सुनिश्चित करने का संकल्प दोहराया। इस अवसर पर जिला न्यायालय मुंगेली की महिला न्यायाधीशों, महिला कर्मचारियों और महिला अधिवक्ताओं को प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी न्यायाधीशों और अधिवक्ताओं ने समाज में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की शपथ ली। कार्यक्रम का संचालन और आभार प्रदर्शन न्यायालयीन कर्मचारियों द्वारा किया गया।


