AIIMS जोधपुर के 4 पूर्व छात्रों का UPSC में चयन:डॉ. अनुज अग्रवाल ने किया टॉप; संस्थान ने कहा-ये उपलब्धियां समुदाय के लिए प्रेरणा

जोधपुर AIIMS के पढ़ चुके 4 छात्रों ने सिविल सेवा परीक्षा (UPSC) 2025 में सफलता हासिल की है। इनमें चित्तौड़गढ़ के डॉ. अनुज अग्रवाल ने प्रथम रैंक प्राप्त कर इतिहास रचा है। डॉ. अनुज AIIMS में MBBS 2017 बैच के छात्र थे। वहीं, मध्य प्रदेश की डॉ. दीक्षा पाटकर ने AIR 88 हासिल की है, वे 2013 बैच की छात्रा हैं। इसके अलावा, डॉ. पुरुषोत्तम झोरड़ (2020 बैच) को AIR 691 और डॉ. प्रांजल बायला (2018 बैच) को AIR 890 प्राप्त हुई है। AIIMS जोधपुर ने ट्वीट किया। ट्वीट में लिखा- हमारे पूर्व छात्रों की ये उपलब्धियां पूरे समुदाय के लिए प्रेरणा हैं। सिविल सेवा में यात्रा के लिए शुभकामनाएं। ये सफलताएं राजस्थान के मेडिकल शिक्षा संस्थानों की बढ़ती प्रतिष्ठा को दर्शाती हैं।
चित्तौड़गढ़ के रावतभाटा के डॉ. अनुज अग्निहोत्री ने ऑल इंडिया टॉप किया है। डॉ. अनुज पहले भी यूपीएससी एग्जाम क्लियर कर चुके हैं। अनुज को 2023 में पहले प्रयास में एसडीएम दिल्ली और केंद्र शासित प्रदेश सेवा आवंटित हुई थी। उन्हें दिल्ली में SDM के पद पर नियुक्ति मिली थी। उन्होंने दिसंबर 2024 में जॉइन किया था। दूसरे प्रयास में यूपीएससी मेंस परीक्षा पास की, लेकिन इंटरव्यू में चयन नहीं हुआ। यह उनका तीसरा अटेम्प्ट है। डॉ. अनुज अग्निहोत्री ने कहा- संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के टॉपर का कहना है कि सक्सेस का मतलब ये कतई नहीं है कि जिंदगी में पढ़ाई के अलावा कुछ और हो ही न। पढ़ाई के साथ सब कुछ हो- हंसी, मजाक, फिल्में, गीत-संगीत और दोस्त। (पढ़ें पूरी खबर)
दीक्षा पाटकार, मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के करकबेल गांव के किराना व्यवसायी हेमराज पाटकार की बेटी हैं। दूसरे प्रयास में यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा उत्तीर्ण करके एक और उपलब्धि हासिल की है। दीक्षा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के एक निजी स्कूल से प्राप्त की, कक्षा 8वीं से 12वीं तक की पढ़ाई नवोदय विद्यालय बोहानी से पूरी की। चिकित्सा के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए उन्होंने कोटा में एक साल कोचिंग की और अपने पहले ही प्रयास में नीट परीक्षा पास की। जोधपुर एम्स से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की और फिर पहले ही प्रयास में नीट पीजी भी उत्तीर्ण किया। दिल्ली एम्स से स्त्री रोग विशेषज्ञ के रूप में एमडी की उपाधि प्राप्त करने के बाद, उन्होंने गुना और जबलपुर के मेडिकल संस्थानों में कुछ समय तक सेवा दी। इसके बाद प्रशासनिक सेवाओं की ओर बढ़ा और उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। (पढ़ें पूरी खबर)
बीकानेर के अरजनसर कस्बे के नजदीकी गांव फूलेजी के रहने वाले पुरूषोत्तम झोरड़ का संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) में चयन हुआ है। पुरूषोत्तम झोरड़ एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। पहले प्रयास में अपनी मेहनत और लगन के दम पर देश की सर्वोच्च प्रशासनिक सेवा में स्थान प्राप्त किया है। परिजनों का कहना है कि पुरूषोत्तम ने बिना किसी कोचिंग के केवल सेल्फ स्टडी के माध्यम से यह सफलता प्राप्त की है। ग्रामीण परिवेश से निकलकर उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है। (पढ़ें पूरी खबर) UPSC से जुड़ी ये 2 खबरें भी पढ़िए… यूपीएससी टॉप करने के लिए सिर्फ पढ़ाई जरूरी नहीं’:टॉपर अनुज ने कहा- फिल्में देखी, दोस्तों के साथ घूमा, कभी निगेटिव नहीं सोचा UPSC में लगातार 5 बार फेल, छठी बार में पास:इंटरव्यू में पूछा-नाम के आगे क्या लगाना पसंद करोगे IAS या IPS; ये साड़ी क्यों पहनी?

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