डिजिटल युग में जहां मोबाइल और इंटरनेट लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं, वहीं साइबर अपराध भी तेजी से बढ़ रहे हैं। ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, डीपफेक वीडियो और एआई आधारित फ्रॉड जैसे खतरों के बीच साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ अंकुर चंद्रकांत ने एक राष्ट्रीय जागरूकता अभियान ‘मिशन 1 मिलियन: डिजिटल कवच’ शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य देशभर में 10 लाख युवाओं को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और उन्हें डिजिटल सुरक्षा की ट्रेनिंग देना है। तीन चरणों में चलेगा अभियान अंकुर चंद्रकांत ने बताया कि इस मिशन को तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में 0 से 3 लाख फॉलोअर्स तक लोगों को साइबर खतरों के प्रति जागरूक किया जाएगा और सोशल मीडिया के माध्यम से स्कैम अलर्ट, डीपफेक और एआई फ्रॉड से जुड़ी जानकारी साझा की जाएगी। दूसरे चरण में 3 लाख से 7 लाख फॉलोअर्स के बीच लाइव ट्रेनिंग सेशन आयोजित किए जाएंगे, जिनमें साइबर हाइजीन, मोबाइल और सोशल मीडिया की प्राइवेसी सेटिंग्स जैसी जरूरी जानकारियां दी जाएंगी। तीसरे और अंतिम चरण में 7 लाख से 10 लाख फॉलोअर्स पूरे होने पर करीब 10 करोड़ रुपये की फ्री साइबर ट्रेनिंग का अभियान शुरू किया जाएगा, जिसमें एडवांस साइबर सिक्योरिटी और एंटी-स्कैम मास्टरक्लास कराई जाएंगी। सोशल मीडिया से मिलेगी फ्री क्लास की जानकारी अंकुर चंद्रकांत ने बताया कि उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम चैनल अंकुर डिकोड्स पर 1 मिलियन फॉलोअर्स पूरे होने के बाद मुफ्त ऑनलाइन क्लास शुरू की जाएंगी। इच्छुक लोग इंस्टाग्राम बायो में दिए गए लिंक के जरिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। 15 साल का अनुभव, कई एजेंसियों को दे चुके ट्रेनिंग अंकुर चंद्रकांत एक साइबर हेल्प एनजीओ के संस्थापक हैं, जो साइबर अपराध रोकथाम और महिला सुरक्षा के लिए काम करता है। वे पहले गुगल और माइक्रोसोफ्ट जैसी वैश्विक कंपनियों के साथ काम कर चुके हैं। साथ ही कई लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों और राज्य पुलिस को भी साइबर सुरक्षा की ट्रेनिंग दे चुके हैं। ‘मिशन 1 मिलियन’ सिर्फ ट्रेनिंग नहीं, एक आंदोलन अंकुर चंद्रकांत का कहना है कि यह केवल एक ट्रेनिंग प्रोग्राम नहीं बल्कि एक राष्ट्रीय डिजिटल आंदोलन है। उनका मानना है कि जब 10 लाख युवा साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक होंगे, तब साइबर अपराधियों को यह संदेश जाएगा कि भारत का डिजिटल नागरिक अब कमजोर नहीं बल्कि तैयार है। अंकुर चंद्रकांत ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि आज के समय में युवा सोशल मीडिया और एंटरटेनमेंट में अधिक समय दे रहे हैं, जबकि उन्हें साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि युवा डिजिटल सुरक्षा सीखेंगे तो वे खुद को और दूसरों को भी ऑनलाइन ठगी से बचा सकेंगे।


