भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की जोधपुर इकाई द्वारा सोजत में हाईवे किनारे बसे नागरिकों को नोटिस जारी करने से उनमें भारी रोष है। इन नोटिसों के विरोध में शनिवार को जैकल माता मंदिर में प्रभावित परिवारों की बैठक हुई, जिसमें ‘सोजत बचाओ संघर्ष समिति’ का गठन किया गया। बैठक में कहा-आजीविका पर होगा संकट समाजसेवी अमितसिंह कछवाह ने बैठक में बताया-राजस्थान हाईकोर्ट के निर्णय के बाद NHAI की जोधपुर इकाई नेशनल हाईवे के 75 मीटर दायरे में बने भवनों, व्यावसायिक परिसरों, होटलों और मंदिरों को हटाने के लिए नोटिस दे रही है। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से सैकड़ों लोगों की आजीविका पर संकट आ जाएगा। कछवाह ने याद दिलाया कि फोरलेन के लिए भूमि अधिग्रहण के समय NHAI ने बाईपास निकालने का आश्वासन दिया था। समिति की मांग है कि हाईवे के 75 मीटर दायरे में बने किसी भी पक्के निर्माण से छेड़छाड़ न की जाए और हाईवे को बाईपास के माध्यम से निकाला जाए। पाली कलेक्टर को सौंपेंगे ज्ञापन बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जिन लोगों को NHAI के नोटिस मिले हैं, वे अपने दस्तावेजी सबूतों के साथ लिखित ज्ञापन पाली जिला कलेक्टर के यहां गठित कमेटी को सौंपेंगे। इसके अतिरिक्त, सोजत बचाओ संघर्ष समिति केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, सांसद पी.पी. चौधरी, राजस्थान के मंत्रियों, प्राधिकरण और परियोजना अधिकारियों को संयुक्त रूप से एक ज्ञापन भी देगी। ये रहे मौजूद इस बैठक में जुगलकिशोर निकुंम, समाजसेवी अमित कच्छवाह, एडवोकेट आनंद भाटी, उप चेयरमैन रामलाल सांखला, बालमुकुंद गहलोत, जोगेशकुमार लकी, केवलचंद सांखला, प्रकाश सांखला, तरुण सांखला, एडवोकेट मानवेन्द्र भाटी, सुनील टॉक, विकास गहलोत और कुणाल सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।


