जिला मलेरिया कार्यालय में वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा बैठक

मधुबन | पीरटांड़ प्रखंड मुख्यालय स्थित सभागार में शनिवार को साप्ताहिक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी मनोज मरांडी ने की। बैठक में प्रखंड क्षेत्र में संचालित मनरेगा योजनाओं की प्रगति का विस्तृत समीक्षा सत्र आयोजित किया गया। बैठक में पंचायतवार लंबित और अपूर्ण योजनाओं पर बारी-बारी से चर्चा की गई। बीडीओ मनोज मरांडी ने सभी पंचायतों में चल रही योजनाओं की स्थिति का जायजा लिया और संबंधित कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अधूरी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा कराया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही बैठक में मनरेगा कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने, मजदूरी का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने और नियमित निरीक्षण पर भी जोर दिया गया। रोजगार सेवकों और अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि योजनाओं में अधिक से अधिक मजदूरों को जोड़ा जाए, ताकि रोजगार के अवसरों का पूर्ण लाभ सुनिश्चित हो सके। बैठक में बीपीओ मेरिप्रियंक मरांडी, मनरेगा जेई, सभी पंचायतों के रोजगार सेवक और अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे। इस दौरान योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, समयबद्ध कार्यान्वयन और गुणवत्ता नियंत्रण के लिए दिशा-निर्देश भी दिए गए। गिरिडीह | जिला मलेरिया कार्यालय में राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनवीबीडीसीपी) के अंतर्गत सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के मलेरिया विभाग की समीक्षात्मक बैठक शनिवार को आयोजित की गई। बैठक में जिले में चल रहे मलेरिया, फाइलेरिया तथा सामूहिक दवा सेवन अभियान (एमडीए) की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आवश्यक रणनीतियों पर चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता वेक्टर जनित रोग सलाहकार इंद्रदेव प्रसाद ने की। इस अवसर पर फाइलेरिया सलाहकार पंकज कुमार सहित जिले के विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से आए स्वास्थ्यकर्मी ,पिरामल टीम के प्रतिनिधि सौरभ कुमार और सुनील साव उपस्थित रहे। बैठक में सभी केंद्रों से प्राप्त प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई आवश्यक निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग और सहयोगी संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी विशेष जोर दिया गया, ताकि फाइलेरिया उन्मूलन और मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम को जमीनी स्तर पर प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके। अधिकारियों ने कहा कि इन बीमारियों की रोकथाम के लिए समय पर दवा वितरण, जागरूकता अभियान और नियमित निगरानी बेहद जरूरी है। सौरभ कुमार ने क्षेत्र में चल रहे सामूहिक दवा सेवन अभियान से जुड़े अपने जमीनी अनुभव साझा किए और कार्यक्रम को और बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक में सभी स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाएं और उन्हें एमडीए अभियान के तहत दी जाने वाली दवाओं का सेवन करने के लिए प्रेरित करें। साथ ही यह भी कहा गया कि फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी के उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी को मिलकर सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

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