भास्कर न्यूज | गढ़वा गढ़वा शहर के इराकी मोहल्ला स्थित जामा मस्जिद में रमजान-उल-मुबारक के पवित्र महीने में चांद रात से लगातार चल रही खत्म तरावीह की नमाज अकीदत और एहतराम के साथ संपन्न हो गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में नमाजियों ने मस्जिद में उपस्थित होकर इबादत की और अल्लाह से अमन, चैन और खुशहाली की दुआ मांगी। जामा मस्जिद में तरावीह की नमाज हाफिज यूसुफ के द्वारा अदा कराई गई। इस दौरान उन्होंने कुरआन शरीफ की तिलावत करते हुए नमाजियों को तरावीह की नमाज पढ़ाई। तरावीह की नमाज के दौरान मस्जिद का माहौल पूरी तरह इबादत में डूबा रहा। नमाजियों ने बड़ी तल्लीनता के साथ कुरआन शरीफ की तिलावत सुनी और अल्लाह की इबादत में समय बिताया। रमजान के अंतिम दिनों में खत्म तरावीह के मौके पर मस्जिद में विशेष रौनक देखने को मिली। इस अवसर पर जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी के सेक्रेटरी तौकीर अहमद ने कहा कि रमजान का महीना मुसलमानों के लिए बहुत ही बरकत और रहमत का महीना होता है। इस पवित्र महीने में रोजा रखने के साथ-साथ इबादत का विशेष महत्व होता है। उन्होंने कहा कि चांद रात से शुरू हुई तरावीह की नमाज का खत्म तरावीह के साथ पूरा हो गया। जो मुस्लिम समाज के लिए खुशी और आध्यात्मिक संतोष का अवसर होता है। उन्होंने कहा कि खत्म तरावीह की नमाज संपन्न होने के बाद मस्जिद की परंपरा के अनुसार हाफिज यूसुफ, जामा मस्जिद के पेश इमाम हाफिज अब्दुस्समद और मुअज्जिन हाफिज मंजर अंसारी को नजराना के तौर पर नगद राशि प्रदान की गई। तौकीर अहमद ने आगे कहा कि खत्म तरावीह की नमाज के अवसर पर मस्जिद में नमाजियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। मस्जिद परिसर की साफ-सफाई, रोशनी और अन्य आवश्यक सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा गया था। ताकि नमाजियों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। नमाज के दौरान अनुशासन और शांति बनाए रखने के लिए भी कमेटी के सदस्यों द्वारा सहयोग किया गया। उन्होंने कहा कि रोजेदारों और नमाजियों की सुविधा के लिए मस्जिद में हर संभव व्यवस्था की गई थी। खासकर तरावीह की नमाज के समय बड़ी संख्या में लोग मस्जिद पहुंचते थे। जिसके कारण मस्जिद परिसर में रौनक बनी रहती थी। खत्म तरावीह के अवसर पर नमाजियों ने अल्लाह से देश और दुनिया में अमन-चैन, भाईचारा और खुशहाली की दुआ मांगी।


