भास्कर न्यूज | अमृतसर खालसा कॉलेज के पंजाबी अध्ययन विभाग की ओर से भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के आईआईसी एक्टिविटी प्रोग्राम के तहत ‘राष्ट्रीय शिक्षा दिवस’ और ‘नई शिक्षा नीति -2020′ के विषय पर एक विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आत्म सिंह रंधावा के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, डीन (अकादमिक) डॉ. तमिंदर सिंह भाटिया ने कहा कि नई शिक्षा नीति का मुख्य उद्देश्य गरीबी, अज्ञानता और पुरानी शिक्षा प्रणालियों की चुनौतियों को दूर करना है। कॉलेज में भी इसी नीति के अनुरूप क्रेडिट सिस्टम और अंतर-अनुशासनात्मक पद्धति अपनाई गई है, जिससे विद्यार्थी विज्ञान, साहित्य और अन्य विषयों का एकीकृत ज्ञान प्राप्त कर रहे हैं। इस अवसर पर पंजाबी विभाग की प्रमुख डॉ. गुरशरण कौर ने बताया कि यह दिन देश के पहले शिक्षा मंत्री और महान स्वतंत्रता सेनानी मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती को समर्पित है। उन्होंने 1947 से 1958 तक शिक्षा मंत्री के रूप में देश की नींव रखी। वर्ष 2008 से उनके जन्मदिन को ‘राष्ट्रीय शिक्षा दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। कार्यक्रम में छात्र दमनप्रीत ने मौलाना आजाद के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर एक ज्ञानवर्धक पीपीटी प्रस्तुति दी।


