शहरी गरीबों को पक्के घर उपलब्ध कराने की दिशा में केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत छत्तीसगढ़ को 28,461 नए घरों के निर्माण के लिए 435 करोड़ रुपए मंजूर कर लिए हैं। केंद्र की सेंट्रल सैंक्शनिंग एंड मॉनिटरिंग कमेटी ने छत्तीसगढ़ की 263 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं के तहत बनने वाले सभी आवासों को 36 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य है। बताया गया है कि इनमें 211 लाभार्थी आधारित निर्माण (बीएलसी) और 52 किफायती आवास साझेदारी (एएचपी) प्रोजेक्ट शामिल हैं। लाभार्थी आधारित निर्माण के तहत 13,058 आवास ऐसे परिवारों को मिलेंगे जिनके पास स्वयं की भूमि है और वे उसी पर पक्का मकान बनाएंगे। वहीं किफायती आवास साझेदारी मॉडल के तहत 15,363 आवास सरकारी जमीन पर विकसित आवासीय परिसरों में बनाए जाएंगे, जिनमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और स्लम क्षेत्रों के लोगों को किफायती घर मिलेंगे।
राज्य सरकार ने केंद्र द्वारा मार्च 2026 तक 50 हजार आवास प्रस्ताव भेजने के लक्ष्य के मुकाबले 52,588 आवासों के प्रस्ताव भेजकर लक्ष्य से अधिक उपलब्धि हासिल की है। विभाग ने सभी परियोजनाओं के डीपीआर, लाभार्थी सूची और भू-अभिलेख केंद्र के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार कर पोर्टल पर अपलोड किए हैं। पात्र हितग्राहियों को सहायता राशि डीबीटी के जरिए सीधे बैंक खातों में दी जाएगी। इसी बैठक में बिलासपुर जिले के रतनपुर में डेमोंस्ट्रेशन हाउसिंग प्रोजेक्ट को भी मंजूरी मिली है। इसमें आधुनिक निर्माण तकनीकों का उपयोग कर 40 आवास बनाए जाएंगे, जिन्हें राज्य शहरी विकास अभिकरण पात्र लोगों को किराये पर उपलब्ध कराएगा। सभी के आवास का संकल्प पूरा होगा: साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि केंद्र की इस मंजूरी से राज्य में हजारों परिवारों का पक्का घर पाने का सपना पूरा होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘सभी के लिए आवास’ के संकल्प को साकार करने में इसे महत्वपूर्ण कदम बताया। निर्माण और आवंटन तेजी से करेंगे: साव
उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने कहा कि सरकार शहरी गरीबों को आवासीय सुरक्षा देने के लिए योजना का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। विभाग स्तर पर लगातार समीक्षा कर निर्माण कार्य और आवंटन की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।


