नवा रायपुर में कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराने के लिए बड़ा प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। एनआरडीए सेक्टर-16 में 109 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक वर्किंग वुमन हॉस्टल बना रहा है। इस हॉस्टल में एक साथ करीब 1000 कामकाजी महिलाएं रह सकेंगी। एनआरडीए ने निर्माण का ठेका श्री कृपा प्राइवेट लिमिटेड को 16.29 प्रतिशत एबव पर दिया है। ठेका एजेंसी को दिसंबर 2026 तक निर्माण कार्य पूरा करना है। अधिकारियों का कहना है कि भवन का निर्माण आधुनिक सुरक्षा मानकों और सुविधाओं को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। इस हॉस्टल के लिए दो अलग-अलग सात मंजिला इमारतें बनाई जा रही हैं। एक इमारत में सिंगल और डबल बेड वाले कमरे होंगे, जबकि दूसरी इमारत में डोरमेट्री की सुविधा रहेगी। यहां रहने वाली महिलाओं को आवास के साथ भोजन की व्यवस्था भी मिलेगी। कामकाजी महिलाओं को मिलेगा फायदा
राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में आईटी, बैंकिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और निजी कंपनियों में बड़ी संख्या में महिलाएं काम कर रही हैं। लेकिन सुरक्षित और किफायती आवास की कमी लंबे समय से समस्या बनी हुई है। हॉस्टल बनने के बाद बाहर से आकर काम करने वाली महिलाओं को बड़ी राहत मिलेगी। ये सुविधाएं होंगी : हॉस्टल में इनडोर गेम्स, कॉमन रूम, लाइब्रेरी, जिम और मल्टीपरपज हॉल जैसी सुविधाएं भी रहेंगी। परिसर में 24 घंटे सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी और बायोमेट्रिक एंट्री सिस्टम लगाया जाएगा। इसके अलावा पार्किंग, लिफ्ट, पावर बैकअप और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था भी होगी। भवन को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि प्राकृतिक रोशनी और वेंटिलेशन पर्याप्त मिल सके। रोजगार और विकास को मिलेगा बढ़ावा
इस परियोजना के निर्माण के दौरान स्थानीय स्तर पर रोजगार भी मिल रहा है। वहीं हॉस्टल के संचालन के बाद प्रबंधन, सुरक्षा, हाउसकीपिंग और खानपान से जुड़े लोगों के लिए स्थायी रोजगार के अवसर बनेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सुविधाएं विकसित होने से नवा रायपुर में निवेश और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इस हॉस्टल में सारी सुविधाएं होंगी
नवा रायपुर के सेक्टर-16 में अत्याधुनिक वर्किंग वूमेन हॉस्टल बनाया जा रहा है। यहां महिलाओं को सुरक्षा से लेकर खानपान तक सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। -बीआर अग्रवाल, सीईओ, एनआरडीए


