छत्तीसगढ़ से इस बार दोनों ही राजनीतिक दल से महिला उम्मीद्वार को राज्यसभा भेजा जा रहा है। सत्ताधारी दल भाजपा ने जहां ओबीसी से आने वाली लक्ष्मी वर्मा को प्रत्याशी बनाया है तो वहीं कांग्रेस ने वर्तमान सांसद फूलोदेवी नेताम को रिपीट किया है। हालांकि चुनाव की जरूरत नहीं पड़ेगी इसलिए सोमवार को नाम वापसी के अंतिम दिन दोनों को प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि प्रदेश की महिलाओं में जागरूकता का अभाव है इस पर फोकस होकर काम करूंगी। संसाधनों के सीमित होने के बावजूद क्षेत्रीय प्राथमिकताओं के आधार पर बेहतर वित्तीय प्रबंधन और प्रभावी कार्यान्वयन उनकी रणनीति में शामिल है। कांग्रेस की फूलोदेवी नेताम ने कहा कि महिलाओं पर अत्याचार बढ़ रहा है। दोनों ही नेत्रियों से भास्कर ने कई तरह के सवाल पूछे। दाेनों ने ही बेबाकी से जवाब दिए। पेश है बातचीत के प्रमुख खास अंश… काम करना आसान तभी जब आपकी सोच बेहतर हो: लक्ष्मी
सवाल: राज्यसभा टिकट मिलने की क्या उम्मीद थी?
वर्मा: मैं हमेशा अपना काम करती रहती हूं। यह पार्टी तय करती है कि किसे क्या जिम्मेदारी मिले। सवाल: छत्तीसगढ़ से जुड़े किन मुद्दों को प्राथमिकता देंगी?
वर्मा: विकास निरंतर प्रक्रिया है। शिक्षा और स्वास्थ्य प्रमुख मुद्दे हैं। पूर्व में डॉ. रमन और अब सीएम साय की सरकार इसी सोच के साथ काम कर रही है। सवाल: केंद्र और राज्य दोनों जगह आपकी पार्टी की सरकार है, तो काम करना आसान होगा?
वर्मा: काम करना आसान तभी होता है जब आपकी दिशा-सोच बेहतर हो। चाहे पार्षद हो या जिला पंचायत अध्यक्ष, मैंने हर जिम्मेदारी निभाई है। सवाल: क्या किसी विशेष क्षेत्र पर फोकस करेंगे?
वर्मा: नियम के अनुसार हमें कोई विशेष जिला या संभाग चुनना होता है। निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने के बाद बैठकर तय करेंगे। सवाल: सांसद निधि (फंड) के उपयोग की रणनीति क्या होगी?
वर्मा: फंड के लिए नियम हैं। क्षेत्र की प्राथमिकताओं के आधार पर सीमित संसाधनों में बेहतर प्रबंधन कर काम किया जाएगा। बस्तर के हालात के बारे में मैं बेहतर जानती हूं: नेताम
सवाल: दोबारा राज्यसभा में जाने की उम्मीद थी?
फूलोदेवी: मैं पद मिलने या न मिलने पर ज्यादा नहीं सोचती। मैं सिर्फ काम पर भरोसा करती हूं। सवाल: विपक्ष में होने से चुनौतियां ज्यादा हैं, प्राथमिकताएं क्या रहेंगी?
फूलोदेवी: चुनौतियों का सामना करना ही हमारा काम है। हमें हर चुनौती स्वीकार है और हम अपनी मांगों और बातों को मजबूती से रखते हैं। सवाल: बस्तर में नक्सलवाद खत्मे की ओर है, वहां की समस्याओं को कैसे उठाएंगी?
फूलोदेवी: वहां की स्थिति के बारे में मैं सबसे बेहतर जानती हूं और मुद्दों को प्रमुखता से रखूंगी। सवाल: प्रदेश का कौन सा ज्वलंत मुद्दा आप उच्च सदन में उठाना चाहेंगी?
फूलोदेवी: परिस्थितियों के अनुसार मुद्दे तय होंगे। हम सड़क से लेकर सदन तक अपनी लड़ाई जारी रखेंगे जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होती। सवाल: सांसद निधि के तहत विकास कार्यों में आपकी प्राथमिकता क्या रहेगी?
फूलोदेवी: क्षेत्र के लोगों और कार्यकर्ताओं के बीच जाकर, जरूरत और गाइडलाइन पर काम करेंगे। फंड सीमित है, जहां जरूरत ज्यादा है वहां प्राथमिकता दी जाएगी।


