मथानी कला-मथानी खुर्द मार्ग जर्जर हाफ नदी किनारे की सड़क बदहाल

भास्कर न्यूज | बेमेतरा कवर्धा और बेमेतरा जिले को जोड़ने वाली मथानी कला से मथानी खुर्द तक का सड़क मार्ग जर्जर हालत में है। करीब तीन से चार वर्ष पहले प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्मित यह सड़क अब कई जगह टूट-फूट चुकी है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से हाफ नदी के किनारे बने हिस्से में कटाव के कारण मार्ग पर आवागमन लगभग बंद होने की स्थिति बन रही है। ग्रामीणों के अनुसार सड़क का निर्माण कवर्धा स्थित प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना इकाई के माध्यम से कराया गया था। सड़क के कुछ हिस्सों में सीसी रोड और कुछ हिस्सों में डामरीकरण किया गया था। लेकिन निर्माण के कुछ वर्षों के भीतर ही सड़क कई जगहों से क्षतिग्रस्त हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण के बाद से अब तक एक बार भी मरम्मत कार्य नहीं कराया गया। ग्राम मथानी खुर्द के पास हाफ नदी के किनारे सड़क बनाई गई थी। बीते बरसात के मौसम में नदी के तेज बहाव से सड़क के नीचे का हिस्सा कट गया, जिससे सड़क बहने की स्थिति में पहुंच गई थी। वर्तमान में नदी किनारे कटाव रोकने के लिए सीमेंट की दीवार (तटबंध) बनाने का काम शुरू किया गया था, लेकिन यह निर्माण कार्य भी लंबे समय से बंद पड़ा है। ऐसे में आगामी बरसात के मौसम में मार्ग फिर से बंद होने की आशंका जताई जा रही है। बेमेतरा जिले के ग्राम उड़तला और मथानी खुर्द के बीच बनी सीसी सड़क कई हिस्सों में टूटकर अलग-अलग टुकड़ों में बंट गई है। गांव के प्रमोद चंद्रवंशी, पुखराज चंद्रवंशी, बलराम चंद्रवंशी और अश्वनी चंद्रवंशी ने बताया कि सड़क निर्माण के बाद से अब तक विभाग ने एक भी बार मरम्मत नहीं कराई है। इसके कारण सड़क धीरे-धीरे पूरी तरह अनुपयोगी होती जा रही है। मथानी कला-मथानी खुर्द मार्ग से उड़तला, कठौतिया, छिरहा, धौराबंद, बदुआकापा सहित करीब 25 से अधिक गांवों के लोगों का प्रतिदिन आना-जाना होता है। यह मार्ग बेमेतरा जिले के सरहदी गांवों को कवर्धा जिले के पिपरिया और अन्य क्षेत्रों से जोड़ता है। सड़क बनने से पहले ग्रामीण खेतों की मेड़ों से होकर आवाजाही करते थे। सड़क बनने के बाद लोगों को राहत मिली थी, लेकिन अब इसके जर्जर होने से समस्या फिर बढ़ गई है। राहत नहीं मिल रही है। ग्राम मथानी खुर्द के ग्रामीणों ने नदी किनारे बन रहे तटबंध के निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। ग्रामीण दयाराम और बलराम चंद्रवंशी का कहना है कि यदि निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से नहीं हुआ तो बारिश के दौरान नदी का कटाव फिर बढ़ सकता है और सड़क को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने निर्माण कार्य की जांच कराने की मांग की है।

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