आज पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जा रहा है। यह दिन उन सभी महिलाओं को समर्पित है जो अपने सपनों को सच करने के लिए मेहनत, हौसले और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं। अमृतसर की बेटी रूप कमल की कहानी भी ऐसी ही प्रेरणा देती है। उन्होंने न सिर्फ खुद आगे बढ़कर अपनी पहचान बनाई, बल्कि सैकड़ों लड़कियों को आत्मनिर्भर बनने का रास्ता भी दिखाया। रूप कमल ने अब तक 650 से ज्यादा लड़कियों को मुफ्त ब्यूटी पार्लर और मेकअप कोर्स करवाकर उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने में मदद की है। आज इन लड़कियों में से कई अपनी मेहनत से अच्छी कमाई कर रही हैं और अपने परिवार का सहारा बन चुकी हैं। रूप कमल बताती हैं कि शादी के 13 साल बाद उन्होंने सबसे पहले खुद ब्यूटी पार्लर, मेकअप और स्किन केयर के कोर्स किए। बचपन से ही उनका सपना था कि वे बेरोजगार लड़कियों के लिए कुछ ऐसा करें जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। इसी सोच के साथ उन्होंने शुरुआत में सिर्फ 6 लड़कियों को मुफ्त मेकअप कोर्स की ट्रेनिंग दी। मुश्किलों के बीच बनाया विश्वास हालांकि शुरुआत आसान नहीं थी। कई माता-पिता अपनी बेटियों को भेजने के लिए तैयार नहीं थे। लेकिन रूप कमल ने उन्हें भरोसा दिलाया कि कुछ समय बाद उनकी बेटियां खुद अपने पैरों पर खड़ी होकर सम्मानजनक जीवन जी सकेंगी। धीरे-धीरे लोगों का विश्वास बढ़ता गया और आज सैकड़ों लड़कियां उनसे प्रशिक्षण लेकर अपना भविष्य संवार चुकी हैं। कोरोना काल में भी की समाज सेवा, पंजाब सरकार मास्क-वुमन अवॉर्ड से भी नवाज चुकी है कोरोना महामारी के दौरान भी रूप कमल ने समाज सेवा की मिसाल पेश की। उन्होंने लगभग साढ़े छह लाख मास्क तैयार करवाकर अमृतसर के अलग-अलग इलाकों में लोगों तक पहुंचाए। उनकी इस सेवा को देखते हुए पंजाब सरकार ने उन्हें “मास्क वुमन अवॉर्ड” से भी सम्मानित किया। मेहनत और हिम्मत से मिलती है सफलता रूप कमल कहती हैं कि उन्हें सबसे ज्यादा खुशी तब मिलती है जब उनकी सिखाई हुई लड़कियां फोन करके बताती हैं कि वे आज अपनी मेहनत से अच्छी कमाई कर रही हैं। आखिर में उन्होंने सभी महिलाओं और लड़कियों को संदेश दिया कि अगर जीवन में कुछ हासिल करना है तो मेहनत और हिम्मत कभी नहीं छोड़नी चाहिए।


