भास्कर न्यूज | अमृतसर मजीठा रोड स्थित 27 फिट रोड पर शनिवार को रविंद्र गुप्ता की अध्यक्षता में 7 दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ हुआ। इस आयोजन से पहले कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कथा के शुभारंभ से पूर्व विद्वान पंडितों ने पूर्ण विधि-विधान और मंत्रोच्चारण के साथ 21 कलशों की पूजा-अर्चना की। इन कलशों में गंगाजल भरकर उन पर आम के पत्तों और नारियल से शुभ स्थापना की गई। इसके बाद 21 सुहागिन महिलाओं ने कलशों को अपने सिर पर धारण किया। रविंद्र गुप्ता ने श्रद्धापूर्वक श्रीमद् भागवत ग्रंथ को अपने सिर पर विराजमान किया। यह कलश यात्रा मजीठा रोड से आरंभ होकर खंडेवाला चौक होते हुए श्री मुक्ति नारायण धाम वेंकटेश तिरुपति बालाजी मंदिर तक पहुंची। रास्ते भर कृष्ण भक्तों ने कलश यात्रा का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। हरि नाम संकीर्तन करते हुए चल रहे भक्तों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। यात्रा में साध्वी रजनी कृष्णा विशेष रूप से सम्मिलित हुईं। दोपहर 3 से 6 बजे तक आयोजित कथा सत्र का शुभारंभ साध्वी रजनी कृष्णा ने पवित्र ज्योति प्रज्वलित कर किया। कथा का रसपान कराते हुए साध्वी जी ने कहा कि भगवान की भक्ति में ही सच्चा प्रेम निहित है। उन्होंने एक सुंदर दृष्टांत देते हुए समझाया कि जिस प्रकार दूध में घी, मलाई और मक्खन अदृश्य रूप में छिपे होते हैं, लेकिन वे सीधे दिखाई नहीं देते, ठीक उसी प्रकार ईश्वर भी हमारे भीतर विद्यमान हैं, पर भक्ति के बिना उनके दर्शन नहीं होते। साध्वी जी ने कहा कि जैसे दूध को गर्म करने पर ही मलाई और फिर मक्खन-घी प्राप्त होता है, वैसे ही एक भक्त जब निरंतर भक्ति और नाम सिमरन की अग्नि में तपता है, तभी उसके भीतर के भक्ति भाव जागृत होते हैं। अंत में साध्वी जी ने हरि नाम संकीर्तन किया, जिससे पूरा पांडाल मंत्रमुग्ध हो उठा। कार्यक्रम के समापन पर सभी भक्तों में प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में गणमान्य जन और श्रद्धालु उपस्थित रहे।


