अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर दुनिया भर में महिलाओं की उपलब्धियों और सशक्तिकरण का जश्न मनाया जा रहा है। इसी बीच छत्तीसगढ़ की एक बेटी तकनीक की दुनिया में नई पहचान बना रही है। रायपुर की आस्था मानिक (29) ने अपनी मेहनत और जिज्ञासा के दम पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में कदम रखते हुए राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। खास बात यह है कि उन्होंने डिजिटल स्किल्स और AI की समझ किसी स्पेशल कोर्स से नहीं, बल्कि इंटरनेट और अपने अनुभव से सीखी है। अब आस्था AI से UPSC एस्पिरेंट्स के लिए स्मार्ट लर्निंग टूल बना रही हैं। महिला दिवस के अवसर पर उन्होंने मैसेज दिया कि अगर सीखने की इच्छा हो तो इंटरनेट सबसे बड़ा शिक्षक बन सकता है। रायपुर से शुरू हुआ आस्था का सफर आस्था मानिक का बचपन रायपुर में बीता। उन्होंने एक प्राइवेट इंग्लिश स्कूल से पढ़ाई की। इसके बाद 11वीं और 12वीं की पढ़ाई के लिए वे विशाखापट्टनम चली गईं। आगे की पढ़ाई उन्होंने पुणे यूनिवर्सिटी से BBA-IB (बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन-इंटरनेशनल बिजनेस) में पूरी की। आज आस्था गुरुग्राम (हरियाणा) में रहकर AI जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रही हैं। शिक्षा और तकनीक को जोड़ने वाले कई प्रोजेक्ट्स पर उनका काम जारी है। खुद के अनुभव से मिली पहली नौकरी आस्था बताती हैं कि उन्होंने डिजिटल मार्केटिंग सीखने के लिए कोई खास कोर्स नहीं किया। उनका कहना है, “मैंने यूट्यूब और इंटरनेट की मदद से खुद सीखना शुरू किया। जो भी सीखा, उसे लगातार प्रैक्टिकल में किया। इसी अनुभव के कारण इंटरव्यू में मेरे जवाब मजबूत थे और मुझे पहली नौकरी मिल गई।” आस्था मानती हैं कि खुद से सीखने और लगातार प्रयोग करने की आदत ही उन्हें टेक्नोलॉजी की दुनिया तक लेकर आई। UPSC छात्रों के लिए AI बेस्ड टूल आस्था की AI के क्षेत्र में रुचि तब बढ़ी, जब उन्होंने UPSC एस्पिरेंट्स की पढ़ाई और मेंटल हेल्थ से जुड़ी चुनौतियों को करीब से समझा। उन्होंने अपने भाई की मदद से UPSC Mental Health Coach का आइडिया तैयार किया। यह सिस्टम तैयारी के दौरान होने वाले तनाव और चिंता को समझने में मदद कर सकता है। इसके बाद उन्होंने AI की मदद से ऐसा सिस्टम बनाया, जो न्यूजपेपर से UPSC से जुड़ा जरूरी कंटेंट अपने आप निकालकर व्यवस्थित कर देता है। आस्था बताती हैं कि सुबह 6 बजे न्यूजपेपर अपलोड किया जाता था और AI प्रीलिम्स और मेंस के हिसाब से पूरा कंटेंट तैयार कर देता था। इससे कंटेंट टीम और शिक्षकों का काफी समय बच जाता था। अब बना रहीं “Padhle AI” आस्था इन दिनों ‘Padhle AI’ नाम के नए प्रोजेक्ट पर काम कर रही हैं। इसका उद्देश्य सरकारी परीक्षाओं, खासकर UPSC की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए AI आधारित स्मार्ट लर्निंग प्लेटफॉर्म तैयार करना है। उनका कहना है कि कई वर्किंग प्रोफेशनल्स के पास पढ़ाई के लिए ज्यादा समय नहीं होता। ऐसे में AI की मदद से कम समय में बेहतर तैयारी संभव हो सकती है। AI से बनाया फ्रॉड डिटेक्शन एप नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया AI इंपैक्ट बिल्डथॉन में आस्था और उनके भाई अनुराग मानिक ने ‘कर्तव्य’ नाम का AI एप तैयार किया। यह एप AI से तैयार की गई आवाज और असली आवाज में अंतर पहचानकर डिजिटल फ्रॉड का पता लगाने में मदद करता है। इस प्रतियोगिता में देशभर से 40 हजार से ज्यादा प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। तीन कठिन चरणों को पार करते हुए आस्था और अनुराग की टीम ने पहला स्थान हासिल किया। इस उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी दोनों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता राज्य के युवाओं की प्रतिभा और तकनीकी क्षमता का प्रतीक है। महिलाओं के लिए आस्था का संदेश महिला दिवस के अवसर पर आस्था कहती हैं कि अगर सीखने की इच्छा हो तो इंटरनेट सबसे बड़ा शिक्षक बन सकता है। उनका कहना है कि लड़कियों को टेक्नोलॉजी से डरने की जरूरत नहीं है। नई तकनीक सीखकर वे अपने लिए नए अवसर बना सकती हैं और आगे बढ़ सकती हैं। ………………………. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… ड्रोन से खेतों में छिड़काव, मजदूरों का काम मिनटों में: रायपुर की चंद्रकली बनीं ‘ड्रोन दीदी’, 10 मिनट में 1 एकड़ फसल पर छिड़काव संभव सुबह का समय, खेतों पर हल्की धूप और आसमान में उड़ता एक ड्रोन। कुछ ही मिनटों में पूरा खेत कीटनाशक से सुरक्षित हो जाता है। खेत के किनारे खड़ी एक महिला रिमोट से ड्रोन नियंत्रित करती दिखाई देती है। यह नजारा रायपुर जिले के आरंग विकासखंड के ग्राम नगपुरा की ड्रोन दीदी चंद्रकली वर्मा के रोजमर्रा के काम का हिस्सा है। पढ़ें पूरी खबर…


