नागौर जिले में बिजली विभाग डिस्कॉम ने बढ़ते बकाया की वसूली के लिए सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। उपभोक्ताओं पर कुल बकाया राशि करीब 200 करोड़ रुपए पहुंच गई है। इसमें पीडीसी यानी कटे हुए कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं पर 95 करोड़ और नियमित उपभोक्ताओं पर 105 करोड़ रुपए बकाया हैं। डिस्कॉम के अधीक्षण अभियंता अशोक चौधरी के अनुसार फरवरी से विशेष अभियान चलाकर एक लाख रुपये से ज्यादा बकाया रखने वालों पर कार्रवाई की जा रही है और अब तक 94 ट्रांसफार्मर उतारे जा चुके हैं। फरवरी से चल रहा विशेष वसूली अभियान नागौर डिस्कॉम के एसई अशोक चौधरी ने बताया कि लगातार बढ़ते घाटे से उबरने और राजस्व लक्ष्य हासिल करने के लिए विभाग ने फरवरी से ही विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान में खास तौर पर एक लाख रुपये से ज्यादा बकाया रखने वाले उपभोक्ताओं पर सीधे कार्रवाई की जा रही है। 5-6 साल से बिल नहीं भरने वालों पर कार्रवाई विभाग के अनुसार अब तक 94 ट्रांसफार्मर उतारे जा चुके हैं। इन बकायेदारों में कृषि और औद्योगिक कनेक्शन के साथ कई प्रभावशाली सरपंचों के कनेक्शन भी शामिल हैं। इन उपभोक्ताओं ने पिछले 5 से 6 साल से बिजली बिल का भुगतान नहीं किया था। पिछले साल से 35 करोड बढ़ा बकाया डिस्कॉम के आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल मार्च में कुल बकाया राशि 165 करोड़ रुपए थी, जो इस साल बढ़कर 200 करोड़ रुपए हो गई है। बकाया में हुई इस बढ़ोतरी को देखते हुए विभाग ने मार्च महीने के अंत तक अधिकतम वसूली का लक्ष्य रखा है। घरेलू, कृषि और सरकारी विभागों पर भी बड़ा बकाया एसई अशोक चौधरी के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं पर 98 करोड़ रुपए बकाया हैं, जबकि गैर घरेलू उपभोक्ताओं पर 15 करोड़ रुपए लंबित हैं। कृषि क्षेत्र में 67 करोड़ रुपए और सरकारी विभागों पर 24 करोड़ रुपए का बकाया है। नगर परिषद, पीएचईडी और पंचायतों को नोटिस सरकारी विभागों में नगर परिषद पर 14 करोड़ रुपए, पीएचईडी पर 7 करोड़ रुपए और ग्राम पंचायतों पर 3 करोड़ रुपए का बकाया है। इन विभागों को भुगतान के लिए नोटिस जारी किए जा चुके हैं। गांवों में कैंप लगाकर वसूली की तैयारी डिस्कॉम आने वाले दिनों में गांवों में कैंप लगाकर उपभोक्ताओं को बिल भुगतान के लिए प्रेरित करेगा। इसके बाद भी भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी।


