पाली में 7वीं पास दे रही 75 महिलाओं को रोजगार:खाखरा की देश भर में डिमांड, सालाना 55 लाख का टर्नओवर

महिला दिवस पर आज हम आपको पाली शहर की एक ऐसी महिला की कहानी से रूबरू करवाना चाहते है जो सच में महिला सशक्तिकरण की मिशाल है। महज 7वीं पास पाली की यह महिला वर्तमान में 75 महिलाओं को रोजगार दे रही है। उनके बनाए उत्पाद देश भर में सप्लाई होते है। सालाना टर्नओवर करीब 50-55 लाख रुपए है। लेकिन विमलादेवी जैन के यहां तक पहुंचने की राह इतनी आसान नहीं थी। आईए उनसे ही जानते है कि कैसे उन्होंने इसकी शुरूआत की और यहां तक पहुंची। साल 2009 में सहेली के साथ मिलकर की शुरूआत पाली के रामबास (बादशाह का झंडा) में रहने वाली 50 साल की विमला जैन (तलेसरा) बनाती है। साल 2009 की बात है। पति शॉप पर चले जाते थे और वह घर पर दिन भर अकेली रहती थी। ऐसे में अपनी सहेली मुन्नीदेवी के साथ मिलकर खाखरा बनाना शुरू किया। शुरूआत में रोजाना 4-5 किलो खाखरे दोनों सहेलियां मिलकर बनाती थी। शुरू-शुरू में मोहल्लेवासियों को फ्री में खाखरे का खिलाए। लोगों को स्वाद अच्छा लगने लगा और धीरे-धीरे ऑर्डर आना शुरू हो गए।
डिमांड बढ़ी तो अन्य महिलाओं को भी जोड़ा विमला जैन ने बताया कि साल 2012 में स्वंय सहायता समूह बनाया। जिसका नाम रिद्धी-सिद्धी खाखरा उद्योग रखा। खाखरे की डिमांड बढ़ी तो और महिलाओं को अपने साथ जोड़ा ताकि उत्पादन बढ़ा सके। शुरूआत में कुछ मुशिकल हुई लेकिन फिर महिलाएं जुड़ती चली गई। आज स्थिति यह है 75 महिलाएं उनके पास काम करती है।
यह आइटम बनाती है वर्तमान में विमलादेवी बताती है कि वर्तमान में वे अपने यहां 8 तरह की खाखरे, मीठा नीम पापड़ी, चिप्स, मिनी कचौरी, मूंग बड़िया, गाल की सेवा, राबोड़ी, नींबू अचार, मिर्ची का अचार, मटरी जैसे कई आइटम बनाती है। इसके साथ ही होली और दीपावली पर बिकने वाले आइटम भी बनाती है। उत्पादन का काम व और उनके बेटे की बहू तान्या मिलकर देखती है। वह मार्केटिंग का काम उनके पति केवलचंद तलेसरा और बेटा कमल देखते है। उन्होंने बताया कि उनके पति धानमंडी में शॉप चलाते थे। जब काम बढ़ने लगा तो बेटे के बाद पति को भी शॉप बंद करवाकर अपने साथ छोड़ लिया।
देश भर में होते है सप्लाई, सालाना टर्न ओवर 55 लाख उन्होंने बताया कि वर्तमान में राजस्थान सहित बैंगलोर, महाराष्ट, गुजरात सहित देश भर में उनके उत्पाद बिकने के लिए जाते है, जिसका सालाना टर्नओवर करीब 50-50 लाख रुपए है। उनके यहां 75 महिलाएं वर्तमान में काम कर रही है। एक महिला महीने में 12 से 15 हजार रुपए कमा लेती है। इसके साथ ही तैयार आइटम की पैकिंग के लिए अलग से स्टॉफ लगा रखा है। उनको भी सैलेरी दी जाती है। फोटोज में देखें…

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