शिक्षा सचिव कृष्ण कुणाल के ओएसडी बीके गुप्ता की कथित टिप्पणी खूब चर्चा में है। शिक्षा निदेशक सीताराम जाट की मौजूदगी में शिक्षक संघ के नेताओं के साथ चल रही मीटिंग में गुप्ता ने गुस्से में कहा था कि ‘कलेक्टर गया तेल लेने’। हालांकि विवाद बढ़ने के बाद गुप्ता ने सफाई देते हुए कहा कि उनके कहने का ये मतलब नहीं था,अनजाने में बातचीत के फ्लो में ऐसा निकल गया। मेरी ऐसी मंशा नहीं थी। दरअसल, शुक्रवार को जयपुर के शिक्षा संकुल में शिक्षक संगठनों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें नए शिक्षा सत्र की तैयारियों और नामांकन बढ़ाने से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा हो रही थी। तभी शिक्षा सचिव कृष्ण कुणाल के ओएसडी बीके गुप्ता की जुबान फिसल गई और उन्होंने चर्चा के बीच कह दिया “कलेक्टर गया तेल लेने”
बैठक में नए सत्र में नामांकन बढ़ाने पर चर्चा बैठक में निदेशक सीताराम जाट की मौजूदगी में विभिन्न शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधि सुझाव दे रहे थे। तभी पंचायतीराज व माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष शेरसिंह चौहान ने नए सत्र में नामांकन बढ़ाने में आ रही समस्याओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सायरा ब्लॉक के भानपुरा उच्च माध्यमिक विद्यालय के गणित शिक्षक पिछले करीब 12 सालों से गोगुंदा उपखंड कार्यालय में डे पर कार्य प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) कर रहे हैं। इस पर विशेषाधिकारी गुप्ता ने कहा कि यदि शिक्षक के स्कूल नहीं आने की जानकारी संघ की ओर से लिखित में दे दी जाए तो अगले दिन ही समाधान कर दिया जाएगा। चौहान ने जवाब में कहा कि इस मामले में समय-समय पर जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिए गए हैं। इस पर पूरी बात सुने बिना गुप्ता ने कह दिया, “कलेक्टर गया तेल लेने।” बाद में उन्होंने कहा कि शिक्षक संगठन अपनी बात शिक्षा विभाग से संबंधित रखें। पंचायतीराज व माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष शेरसिंह चौहान ने कहा कि जब संगठनों को चर्चा के लिए बुलाया जाता है तो उनकी पूरी बात सुननी चाहिए। शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाने से पढ़ाई पर असर पड़ रहा है और यह समस्या प्रदेशभर में है, जिसे सरकार को गंभीरता से दूर करना चाहिए। बतादें, Bk गुप्ता, रिटायर्ड प्रिंसिपल हैं। जो शिक्षा सचिव के OSD हैं। — ये खबर भी पढ़ें हाईकोर्ट ने कहा- छात्राओं के लिए स्कूलों में टॉयलेट नहीं:वे पानी नहीं पी पाती; शिक्षा सचिव से कहा- हम बच्चों को जवाब नहीं दे पा रहे राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतों और क्लासरूम को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। जस्टिस महेंद्र गोयल और जस्टिस अशोक कुमार जैन की अदालत ने मामले में मौखिक टिप्पणी करते हुए शिक्षा सचिव कृष्ण कुणाल से कहा- आप स्वच्छ भारत मिशन की बात करते हो, लेकिन आप स्कूल में बच्चियों के लिए टॉयलेट की व्यवस्था भी नहीं कर पा रहे हैं। (पूरी खबर पढ़ें)


