लुधियाना में एटीएम में पैसे जमा कराने गए एक प्रवासी युवक से दो अज्ञात ठगों ने 45 हजार रुपए ठग लिए। ठगों ने युवक को एक लाख रुपए की गड्डी देने का लालच दिया था। बाद में पता चला कि वह नोटों की गड्डी नहीं बल्कि सिर्फ कागज के टुकड़ों का बंडल था। पीड़ित पिंटू कुमार ने बताया कि उसे अपने परिवार का पुराना कर्ज चुकाना था। इसके लिए उसने अपने मालिक से 45 हजार रुपए उधार लिए थे। वह यह रकम घर भेजने के लिए एटीएम में जमा कराने गया था, लेकिन किसी कारणवश मशीन में पैसे जमा नहीं हो पाए। जैसे ही वह एटीएम से बाहर निकला, गेट पर उसे एक अनजान व्यक्ति मिला। उस व्यक्ति ने पिंटू से पूछा कि कितने पैसे जमा कराने हैं। पिंटू ने जब 45 हजार रुपए बताए तो आरोपी ने कहा कि उसे भी एक लाख रुपए जमा कराने हैं, लेकिन एटीएम मशीन काम नहीं कर रही है। इसके बाद ठग ने पिंटू को झांसा दिया कि वे किसी दुकान से गूगल-पे के जरिए पैसे ट्रांसफर करवा लेते हैं। 500 रुपए का असली नोट लगा हुआ था इसी दौरान ठग का दूसरा साथी भी वहां पहुंच गया। दोनों ने मिलकर पिंटू को एक गड्डी दिखाई, जिसके ऊपर 500 रुपए का असली नोट लगा हुआ था। उन्होंने उसे झांसा दिया कि यह 1 लाख रुपए हैं। वह इन्हें शिवपुरी चौक स्थित दुकान पर जाकर जमा करवा दे। बदले में वे उसके 45 हजार रुपए कैश रख लेंगे। गड्डी लेकर शिवपुरी चौक की ओर चला गया पिंटू उनकी बातों में आ गया और उसने अपने 45 हजार रुपए दोनों आरोपियों को दे दिए। इसके बाद वह गड्डी लेकर शिवपुरी चौक की ओर चला गया। दोनों ठग कुछ दूर तक उसके पीछे आए और फिर मौका पाकर वहां से फरार हो गए। 5-6 महीने तक बिना वेतन के काम करना पड़ेगा ऊपर लगे 500 रुपए के नोट को छोड़कर अंदर सिर्फ सादे कागज के टुकड़े थे। पीड़ित ने बताया कि वह पहले ही कर्ज में डूबा हुआ था और अब उसके ऊपर मालिक के 45 हजार रुपए का अतिरिक्त कर्ज चढ़ गया है। इस रकम को चुकाने के लिए उसे अगले 5-6 महीने तक बिना वेतन के काम करना पड़ेगा। पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल घटना के बाद पीड़ित पिंटू ने सुंदर नगर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज करवाई। हालांकि, तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। पिंटू का आरोप है कि पुलिस ने अब तक सीसीटीवी फुटेज की जांच भी नहीं की, जिसके चलते उसने खुद ही आसपास लगे कैमरों की फुटेज निकलवाई है। पिंटू ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि शातिर ठगों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और उसकी मेहनत की कमाई वापस दिलाई जाए।


