अमनदीप सिंह | अमृतसर गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी में बने हॉकी स्टेडियम की एस्ट्रो टर्फ 6 साल से खराब है जो जगह-जगह से फट चुकी हैं। टर्फ की मियाद 2019 में खत्म हो चुकी है मगर अब तक इसे बनाया नहीं जा रहा। इस कारण खिलाड़ी प्रेक्टिस नहीं कर पा रहे हैं। जबकि 2020 और 2024 की ओलंपियन हॉकी में इस स्टेडियम में 6 खिलाड़ी प्रेक्टिस करते रहे हैं। गौरतलब है कि जीएनडीयू में हॉकी एस्ट्रो टर्फ को बिछाने का उद्घाटन 2009 में तत्कालीन केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनोहर सिंह गिल ने किया था। स्टेडियम में हॉकी एस्ट्रो टर्फ की लंबाई 91.40 और चौड़ाई 55 मीटर है। पहले हॉकी ग्रास पर होती थी, मगर नियम चेंज होने पर हॉकी एस्ट्रो टर्फ पर मैच खेले जाने लगी। जीएनडीयू में हॉकी एस्ट्रो टर्फ की उपरी लेयर पूरी तरह से खत्म हो चुकी है । टर्फ कई जगह से बैठ चुकी है, जो खेलने लायक नहीं है। हॉकी कोच के मुताबिक, टर्फ की मियाद 8 से 10 साल की होती है। टर्फ खराब होने के कारण यहां खेलने वाले खिलाड़ियों को इंजरी होने का खतरा है। ^हॉकी स्टेडियम में टर्फ की मियाद काफी समय से खत्म हो चुकी है। इसके बारे में पंजाब सरकार को कहा गया लेकिन नहीं बनाया गया। इसके बाद सेंटर सरकार को भी कहा गया, लेकिन किसी ने भी इस नहीं बनाया। खिलाड़ी प्रेक्टिस नहीं कर रहे हैं, यह बड़ी समस्या हैं। पंजाब व सेंटर सरकार तक इस बात को फिर पहुंचाएंगे। खिलाड़ी प्रेक्टिस के बिना कैसे देश के लिए मेडल लेकर आएंगे। इसे जल्द बनाया जाना चाहिए। ताकि खिलाड़ी इस पर प्रेक्टिस कर सकें। – कंवर मनदीप सिंह ढिल्लों, डायरेक्टर स्पोर्ट्स। हॉकी कोच जगदेव सिंह बताते हैं कि इस टर्फ पर अब खिलाड़ियों के प्रेक्टिस करने का रिस्क नहीं ले सकते, क्योंकि टर्फ की बेस और ऊपरी लेयर खराब हो चुकी है। यह खेलने लायक नहीं है, बॉल निकल कर मुंह पर लग सकती है। उन्होंने काफी बार उच्च अधिकारियों को कहा लेकिन इसे नहीं बनाया जा रहा। जबकि इस टर्फ पर 6 ओलंपियन खिलाड़ियों ने खेलने के साथ प्रेक्टिस भी की है। जिसमें हॉकी खिलाड़ी हरमनप्रीत, जरमनजीत, मनदीप, वरूण कुमार, सिमरनजीत और हॉकी टीम के कैप्टन हरमनप्रीत भी यह ओलंपियन खेले 6 खिलाड़ी 2020 और 2024 की ओलंपियन खेल चुके हैं।


