लुधियाना| श्री हिन्दू न्याय पीठ के प्रयासों से पिछले वर्ष गणपति विसर्जन के दौरान सतलुज दरिया में डूबकर शहीद हुए हर्ष मेहरा और टिंकू गुप्ता के परिवारों को जिला प्रशासन ने 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता जारी की। 17 सितंबर 2024 को हुए इस हादसे के बाद राजनीतिक और धार्मिक संगठनों ने इन परिवारों की सुध तक नहीं ली, लेकिन हिन्दू न्याय पीठ ने प्रशासन के समक्ष लगातार आवाज उठाई, जिसके बाद यह सहायता स्वीकृत हुई। हिन्दू न्याय पीठ के मुख्य प्रवक्ता प्रवीण डंग ने डिप्टी कमिश्नर का आभार जताते हुए पंजाब सरकार से सहायता राशि बढ़ाकर 5-5 लाख रुपए करने और पीड़ित परिवारों के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। उन्होंने कहा कि हिन्दू समाज की धार्मिक संस्थाएं अपने पीड़ितों की मदद के लिए आगे नहीं आतीं, जबकि वक्फ बोर्ड ने हाल ही में एक विशेष समुदाय के डूबे हुए लोगों के परिवारों को 2-2 लाख रुपये की सहायता दी थी और एसजीपीसी भी सिख आपदा पीड़ितों की मदद करती है। प्रवीण डंग ने लुधियाना के हिन्दू विधायकों की आलोचना करते हुए कहा कि सत्ता में होते हुए भी उन्होंने परिवारों से संवेदना तक व्यक्त नहीं की, जिससे हिन्दू समाज में रोष है। हिन्दू न्याय पीठ ने पहले भी कांवड़ यात्रा के दौरान शहीद यात्रियों, विसर्जन में डूबे श्रद्धालुओं और एलिवेटेड रोड से गिरकर जान गंवाने वालों के परिवारों को सहायता दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने हिन्दू समाज से अपील की कि वे एकजुट होकर हिन्दू न्याय पीठ से जुड़ें ताकि भविष्य में पीड़ित परिवारों के अधिकारों के लिए और मजबूती से संघर्ष किया जा सके। इस अवसर पर सहायता राशि प्राप्त करने वाले पीड़ित परिवारों ने हिन्दू न्याय पीठ और डिप्टी कमिश्नर का आभार व्यक्त किया।


