पंजाब के खडूर साहिब से खालिस्तान समर्थक सांसद अमृतपाल सिंह और बंदी सिखों की रिहाई को लेकर निकले अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के समर्थक मुख्यमंत्री भगवंत मान की चंडीगढ़ के सेक्टर 2 स्थित सरकारी कोठी के 1Km नजदीक तक पहुंच गए। उन्होंने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ी। यहां तक कि वाटर कैनन पर भी कब्जा कर लिया। इस दौरान पुलिसवाले भी पिटे। यह प्रदर्शन पहले से घोषित था, ऐसे में सवाल उठ रहा है कि चंडीगढ़ पुलिस इस पूरे मामले में कैसे चूक गई। वह न तो प्रदर्शनकारियों को बॉर्डर पर रोक पाई और न ही सीएम के घर के करीब पहुंचने तक रोक सकी। इस बारे में पंजाब के पूर्व डीजीपी एपी पांडे ने कहा- यह चंडीगढ़ और मोहाली पुलिस के बीच तालमेल और ग्राउंड इंटेलिजेंस की कमी है। बड़े प्रदर्शन को संभालने की सबसे मजबूत तैयारी होनी चाहिए थी। इस बारे में चंडीगढ़ की SSP कंवरदीप कौर ने पुलिस का बचाव किया। उन्होंने कहा कि पुलिस माहौल खराब नहीं होने देना चाहती थी। SSP कंवरदीप कौर ने कहा- संगठन के नेताओं के साथ पिछले एक सप्ताह से बातचीत चल रही थी, लेकिन प्रदर्शनकारी बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ गए। कुछ लोग हथियार लेकर आए थे। हम नहीं चाहते थे कि माहौल खराब हो। इनके हाथियारों से जवान घायल तक हुए हैं। SSP ने बताया कि विधायक मनप्रीत सिंह अयाली समेत 15 नामजद के अलावा 2500 से 3000 प्रदर्शनकारियों पर FIR दर्ज की गई। इन पर BNS की धारा 121(1), 132 और 223 लगाई गई है। शिकायत सेक्टर-49 थाना के सब इंस्पेक्टर भूपिंदर सिंह ने दर्ज कराई है। अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के प्रदर्शन को लेकर चंडीगढ़ का सुरक्षा चक्र कैसे टूटा, पुलिस कहां-कहां चूकी, सिक्योरिटी एक्सपर्ट का क्या कहना और चंडीगढ़ पुलिस की क्या सफाई, ये जानने के लिए पढ़िए पूरी रिपोर्ट… जानिए, कैसे फेल होती गई पुलिस की पूरी प्लानिंग… सिक्योरिटी चूक पर डीजीपी की अहम बातें… चंडीगढ़ एसएसपी क्या बोली, तीन पॉइंट में पढ़िए… पहले सेक्टर-43 से आगे नहीं बढ़ने दिए थे
8 फरवरी 2023 को चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर सबसे बड़ी हिंसक झड़प हुई थी, जब सिख कैदियों की रिहाई की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों ने ट्रैक्टरों और घोड़ों की मदद से पुलिस के बैरिकेड्स तोड़ दिए और पानी की बौछारें छोड़े जाने पर पुलिसकर्मियों पर तलवारों व पत्थरों से हमला कर दिया, जिसमें 30 से अधिक जवान घायल हुए। हालांकि चंडीगढ़ पुलिस ने उन्हें सेक्टर-43 से आगे नहीं बढ़ने दिया था। विधायक समेत 15 लोगों पर FIR इस मामले में सेक्टर-49 थाना के उप-निरीक्षक भूपिंदर सिंह की शिकायत पर अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के विधायक मनप्रीत सिंह अयाली, सतिंदरजीत सिंह गिल, काबल सिंह भुल्लर, जगदीप सिंह कंसाला, इकबाल सिंह संधू, परमजीत सिंह जोहल, पूर्व विधायक अजीब सिंह मुखमैलपुर, चमकौर सिंह ढिल्लों (धुन्न), एडवोकेट ईमान सिंह खारा, जसविंदर सिंह ड्रोली, इकबाल सिंह झूंदा, करनैल सिंह पंजोली, लखा सिधाना, भाना सिद्धू, लखवीर सिंह लखा समेत 2500 से 3000 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को रोकने की कोशिश की गई, उनके साथ धक्का-मुक्की और हिंसा हुई। इस मामले में बीएनएस की धाराएं 121(1), 132 और 223 के तहत FIR दर्ज की गई है। ———– ये खबर भी पढ़ें… MP अमृतपाल समर्थक बैरिकेडिंग तोड़ चंडीगढ़ में घुसे:वाटर कैनन का मुंह मोड़ा, CM कोठी के 1Km करीब पहुंचे; पिता बोले- उपद्रवी हमारे नहीं पंजाब के खडूर साहिब से खालिस्तान समर्थक सांसद अमृतपाल की रिहाई के लिए चंडीगढ़ में अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के वर्करों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी पुलिस को चकमा देते हुए CM भगवंत मान की चंडीगढ़ के सेक्टर 2 स्थित सरकारी कोठी के 1Km नजदीक तक पहुंच गए। इससे सीएम सिक्योरिटी भी हाई अलर्ट हो गई। (पढ़ें पूरी खबर)


