हरियाणा से पकड़े आतंकी के घर मिले हथियारों के मॉडल:AK-47 का डिजाइन भी बनाया था; रामनवमी पर राम मंदिर पर ग्रेनेड अटैक करना था

राम मंदिर पर हमले की साजिश में शामिल फरीदाबाद से पकड़ा गया आतंकी अब्दुल रहमान के घर से पुलिस को हथियारों के मॉडल मिले हैं। यह मॉडल उसने लकड़ी से बनाए थे। इसके अलावा चार्ट पर उसने AK47 का डिजाइन भी बनाया था। ऐसे में पुलिस को शक है कि वह घर पर ही देसी हथियार बनाने की प्रैक्टिस कर रहा था। इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रोविंस (ISKP) से जुड़े आतंकी ने पुलिस को यह भी बताया कि फरीदाबाद में दिल्ली के साथी ने हैंड ग्रेनेड पहुंचाया। इसके बाद उसे यह हैंड ग्रेनेड आगे तीसरे साथी को देना था। जिसके बाद रामनवमी के दिन अयोध्या स्थित राम मंदिर पर हमले की प्लानिंग की थी। वह झारखंड के आतंकी अबू सूफियान के टच में था। हालांकि वह खुद हमला करने वाला था या कोई और भी उसके साथ है, इसको लेकर फरीदाबाद की स्पेशल टास्क फोर्स उससे पूछताछ कर रही है। बता दें कि गुजरात ATS और IB के इनपुट के बाद अब्दुल रहमान को 2 मार्च को फरीदाबाद के पाली इलाके से गिरफ्तार किया गया था। 3 मार्च को कोर्ट में पेश कर उसका 10 दिन का रिमांड लिया गया। जिसके बाद पलवल STF ऑफिस में उससे पूछताछ की जा रही है। आतंकी अब्दुल रहमान की जांच की 4 अहम बातें 1. महाकुंभ में धमाके का भी टास्क मिला था
पुलिस पूछताछ में पता चला कि आतंकी अब्दुल रहमान को पहले महाकुंभ में धमाके का टास्क मिला था। इसके लिए भी उसे फरीदाबाद आकर हैंड ग्रेनेड ले जाने को कहा गया था। हालांकि तभी आतंकी का पिता बीमार हो गया। जिस वजह से उसने आने से इनकार कर दिया। इसके बाद यह प्लान फेल हो गया। जिसके बाद राम मंदिर पर हमले की साजिश को सिरे चढ़ाने की तैयारी शुरू की गई। 2. अबू सूफियान से वॉट्सऐप कॉल पर बात करता था
अब्दुल रहमान ने फरीदाबाद STF को बताया कि वह झारखंड में चतरा के रहने वाले कुख्यात आतंकी अबू सूफियान के सीधे संपर्क में था। दोनों वॉट्सऐप कॉल पर बात करते रहते थे। उसके निर्देश पर ही आरोपी निजामुद्दीन से बस में बैठकर बड़खल चौक आया और वहां से पाली गांव तक पहुंच गया। अबू सूफियान के बारे में कहा जा रहा है कि उसने पाक अधिकृत कश्मीर में जाकर ISI से ट्रेनिंग भी ले रखी है। वह देश के विभिन्न हिस्सों में अपने स्लीपर माड्यूल की मदद से गरीब युवाओं का माइंड वाश करके उन्हें आतंकी के रूप में तैयार करता है। 3. हैंड ग्रेनेड ड्रोन के जरिए आने का शक
STF को शक है कि आतंकी अब्दुल से जो 2 हैंड ग्रेनेड मिले हैं, वह सीमा पार यानी पाकिस्तान से आए हैं। जिन्हें ड्रोन के जरिए भारत में पहुंचाया गया। ऐसे में शक जताया जा रहा है कि पंजाब या राजस्थान के सीमावर्ती इलाके में ड्रोन से यह हैंड ग्रेनेड आए। जिन्हें फरीदाबाद लाकर अब्दुल तक पहुंचाया गया। 4. 7 महीने पहले मरकज में दिल्ली आया था, फरीदाबाद ऑटो से पहुंचा
आतंकी अब्दुल के गांव मजनई पूर्व प्रधान पति पवन कुमार यादव ने बताया कि अब्दुल रहमान करीब 7 महीने पहले पहली बार निजामुद्दीन मरकज में शामिल होने दिल्ली आया था। इसके बाद वह अपने गांव मजनई वापस लौट आया। इसके बाद वह दोबारा से 1 मार्च को दिल्ली के लिए निकल गया। जांच से जुड़ी STF टीम के सूत्रों के मुताबिक अब्दुल रहमान 1 मार्च को दिल्ली के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर आया था। इसके बाद वह बस पकड़कर बड़खल पहुंचा। बड़खल से उसने ऑटो लिया और पाली इलाके में पहुंच गया। जांच एजेंसी अब अब्दुल को छोड़ने वाले ऑटो चालक की तलाश कर रही है। इसके साथ ही शहर के बस स्टैंड और पाली इलाके में लगे CCTV कैमरों की रिकार्डिंग की जांच कर रही है। 5. अब्दुल के 2 मोबाइल में भड़काऊ वीडियो मिले
पुलिस को जांच में अब्दुल रहमान से 2 मोबाइल मिले हैं। जिनके अंदर भड़काऊ और धार्मिक स्थलों के रेकी के वीडियो भी मिले। पुलिस सूत्रों के मुताबिक यह भी शक है कि अब्दुल सोशल मीडिया पर खुद भी भड़काऊ वीडियो डालता था। इन्हीं वीडियो के जरिए वह अलकायदा इन इंडियन सब कॉन्टिनेंट (AQIS) के अबू सूफियान के टच में आया। जिसके बाद वह आतंकी नेटवर्क से जुड़ गया। आतंकी का दावा- मेरे दिल में छेद
पुलिस पूछताछ में आतंकी अब्दुल ने दावा किया कि 2012 में उसे पता चला कि उसके दिल में छेद है। तब गांव के लोगों ने चंदा इकट्‌ठा कर परिवार को दिया। जिसके बाद गुजरात के सूरत में उसका इलाज कराया गया था। उसने यह भी कहा कि 10वीं के बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी। वह मनीराम यादव इंटर कॉलेज में पढ़ रहा था। उसके पास फीस भरने के पैसे नहीं थे। वह पढ़ाई में भी बहुत कमजोर था।

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