जिले के गांव बालियांवाली में कर्ज़ के बोझ और लगातार दो सालों से हो रही फसल बर्बादी से तंग आकर एक 45 वर्षीय किसान ने ज़हरीली दवा खाकर आत्महत्या कर ली। इस दुखद घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। थाना बालियांवाली के एसएचओ (SHO) इंस्पेक्टर सुखविंदर सिंह बराड़ ने बताया कि मृतकमहेंद्र राम पुत्र रूप चंद पंडित, निवासी बालियांवाली कर्ज से परेशान था। मृतक की पत्नी छिंदर कौर ने पुलिस को दिए बयानों में बताया कि उनके पति अपनी खुद की ज़मीन के साथ-साथ ठेके (लीज) पर ज़मीन लेकर खेती करते थे। उन्होंने ज़मीन पर और बैंक से कर्ज़ लिया हुआ था। छिंदर कौर ने बताया कि पिछले साल भी फसल खराब होने से परिवार की आर्थिक स्थिति डगमगा गई थी, जबकि इस बार हाल ही में हुई भारी ओलावृष्टि के कारण उनकी गेहूं की पूरी फसल पूरी तरह तबाह हो गई। मानसिक तनाव में उठाया खौफनाक कदम लगातार दो साल फसल बर्बादी और सिर पर चढ़े कर्ज़ के कारण महेंद्र राम ट्रैक्टर की किस्त और बैंक का बकाया नहीं चुका पा रहे थे। इसी भारी आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव के चलते उन्होंने 29 और 30 जुलाई की दरमियानी रात घर में रखी कीटनाशक ज़हरीली दवा पी ली, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस ने की कार्रवाई, किसान यूनियन ने की कर्ज़ माफी की मांग थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुखविंदर सिंह बराड़ ने बताया कि मृतक की पत्नी के बयानों के आधार पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत 174 की कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है। उधर, घटना के बाद भारतीय किसान यूनियन (एकता डकौंदा) के ब्लॉक नेता हेमराज शर्मा और गांव के गणमान्य लोगों ने पंजाब सरकार और प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि पीड़ित गरीब परिवार का पूरा कर्ज़ तुरंत माफ किया जाए और पीड़ित परिवार को अधिकतम आर्थिक मुआवजा दिया जाए ताकि वे इस भीषण संकट से उभर सकें।


