पंजाब के बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में राज्यव्यापी ‘पंजाब बंद’ के आह्वान का नकोदर शहर में व्यापक और पूर्ण असर देखने को मिला। मेडिकल, स्वास्थ्य और अन्य अति-आवश्यक आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर शहर के सभी मुख्य बाजार व व्यापारिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहे। स्थानीय दुकानदारों ने सफाई कर्मचारियों के आंदोलन के प्रति एकजुटता दिखाते हुए स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद रखीं। गुरुवार सुबह करीब 11 बजे नगर काउंसिल कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी एकत्र हुए। कर्मचारियों ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया और जमकर नारेबाजी की। इस रोष प्रदर्शन को नकोदर के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, जनसेवकों और समाजसेवियों का भी पुरजोर समर्थन मिला। दिग्गज नेता पहुंचे समर्थन में, कर्मचारियों ने दिया धन्यवाद प्रदर्शन स्थल पर उजाला सौंधी, पुरुषोत्तम बिट्टू, राणा रंधावा, पवन गिल और रजिंदर काकू सहित कई प्रमुख शख्सियतें कर्मचारियों के समर्थन में पहुंचीं। हड़ताल में नगर काउंसिल नकोदर के स्थायी कर्मचारियों के साथ-साथ आउटसोर्सिंग पर तैनात कर्मचारियों ने भी अपना कामकाज पूरी तरह ठप रखा। धरने पर बैठे सफाई सेवकों ने शहरवासियों और व्यापारियों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने दुकानें बंद रखकर उनके हक की लड़ाई में साथ दिया। हड़ताल खत्म होने की खबरों को बताया ‘झूठ’, कचरा उठाव रहेगा बंद प्रदर्शन के दौरान यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी सभी जायज मांगें पूरी नहीं की जातीं और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी और शहर में कूड़े का उठाव पूरी तरह बंद रहेगा। नेताओं ने सरकार के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें हड़ताल खत्म होने की बात कही जा रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने कुछ अप्रासंगिक लोगों के साथ बैठक कर हड़ताल खत्म करने की झूठी और भ्रामक घोषणा की है, जबकि संघर्षरत मुख्य प्रतिनिधियों से कोई सार्थक बात नहीं हुई है। नेताओं ने दोहराया कि न्याय मिलने तक संघर्ष इसी तरह जारी रहेगा।


