सवाई माधोपुर जिला महिला सशक्तिकरण का राजस्थान के लिए एक उत्कृष्ट उदाहरण है। सवाई माधोपुर जिले के सभी प्रमुख पदों पर महिलाएं काबिज है। फिलहाल सवाई माधोपुर जिला कलेक्टर, एसपी, जिला प्रमुख और नगर परिषद के सभापति के पद पर महिलाएं ही आसीन हैं। वहीं बामनवास विधायक भी महिला है। विधायक इंदिरा मीणा दूसरी बार लगातार बामनवास से विधायक बनी हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रोफेसर रह चुकी सवाई माधोपुर कलेक्टर दिल्ली विश्वविद्यालय में रह चुकी है अर्थशास्त्र की सहायक प्रोफेसर शुभम चौधरी मूलतः हरियाणा की रहने वाली है। जिनकी शिक्षा दिल्ली से हुई है। शुभम चौधरी ने 10वीं तक की पढ़ाई दिल्ली पब्लिक स्कूल बसंत कुंज में पढ़ाई की। उसके बाद अमेरिकन स्कूल वॉइस ऑफ पॉलेंड इंटरनेशनल बैचलर डिग्री हासिल की। बाद में उन्होंने सेंट स्टीफन कॉलेज से बीए अर्थशास्त्र किया। उन्होंने दिल्ली स्कूल ऑफ इकॉनोमी से एमए अर्थशास्त्र किया। फिर एक साल तक दिल्ली के एक बैंक में भी नौकरी की। जिसके बाद में दिल्ली विश्वविद्यालय में तीन साल तक सहायक प्रोफेसर के रूप में भी कार्य कर चुकी है। शुभम चौधरी साल 2014 बैच की IAS अधिकारी है। उन्होंने 2014 में IAS ऑल इंडिया 11वीं रैंक प्राप्त की थी। फिलहाल वह सवाई माधोपुर जिला कलेक्टर के पद पर आसीन हैं। MNIT से B.tech कर MNC में जॉब कर बनी SP SP ममता गुप्ता राजस्थान के नीमकाथाना जिले के थुई गांव से आती है, लेकिन पिता सागरमल गुप्ता की नौकरी पर्यटन विभाग (RTDC) होने के कारण उनकी शुरुआती पढ़ाई से लेकर इंजीनियरिंग तक की पढ़ाई जयपुर में हुई। उन्होंने MNIT से साल 2007 में इलेक्ट्रॉनिक्स में B.Tech किया। ममता गुप्ता की मां इंदिरा गुप्ता एक हाउस वाइफ है। उनके परिवार में एक बड़ी बहन और एक छोटा भाई भी है। तीनों ने ही इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। जिनमें से दूसरे नंबर की ममता गुप्ता है। ममता गुप्ता ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर नोएडा में MNC कंपनी में चीफ डिजाइनर रहते हुए सिविल सर्विसेज की तैयारी जारी रखी और साल 2012 में UPSC परीक्षा पास कर IPS बनी। नगर परिषद के सबसे कम उम्र की महिला सभापति सभापति मेघा वर्मा ने इंग्लिश मीडियम से नागपुर, महाराष्ट्र के धनवटे नेशनल कॉलेज से बी.कॉम किया। इसी के साथ ही उन्होंने डी. सी. ए. (डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लिकेशन) भी नागपुर से किया। उन्होंने साल 2019 में ग्रेजुएशन किया और इसी साल दिसंबर में 23 साल की उम्र में शादी के बाद सवाई माधोपुर आ गई। साल 2020 के नगर निकाय चुनाव में वार्ड नंबर 23 से 403 वोटों से जीत कर पार्षद बनी और मात्र 27 साल की उम्र में नगर परिषद सभापति की कमान संभाल रही हैं। वह सवाई माधोपुर के इतिहास में सबसे कम उम्र की महिला सभापति बनी है। मेघा वर्मा नट कंजर समाज की पूरे राजस्थान की पहली महिला सभापति भी है। उन्हें कविताएं और लेख लिखने का शौक है। हिन्दी व इंग्लिश दोनों भाषाओं में कॉलेज के दिनों में महाराष्ट्र के अंग्रेजी अखबार (THE HITAVADA) में कई लेख प्रकाशित हुए और अब शौकिया तौर पर कविताएं लिखती हैं। 22 साल महिला कांग्रेस में सक्रिय रहकर जिला प्रमुख बनी सुदामा देवी मीणा एक साधारण से किसान परिवार से ताल्लुक रखती है। हालांकि उनके पति डिग्गी प्रसाद मीणा लंबे समय से राजनीति में सक्रिय है। वह सवाई माधोपुर पीजी कॉलेज के छात्र संघ रह चुके हैं। जबकि सुदामा देवी मीणा की साल 2005 से 2010 तक कांग्रेस के टिकट पर पंचायत समिति सदस्य रहीं। साल 2010 से 2015 तक बाडोलास ग्राम पंचायत की सरपंच रही। अपने सहज और सरल स्वभाव के चलते ग्रामीण अंचल में सुदामा देवी खासी लोकप्रिय है। ग्रामीण समस्याओं के लिए सदैव तत्पर रहने के चलते वर्तमान में जिला प्रमुख के पद पर आसीन हैं। वह पिछले 22 साल से महिला कांग्रेस की सक्रिय सदस्य हैं। वह साल 2021 में सवाई माधोपुर की जिला प्रमुख बनी है। दो बार से लगातार बामनवास विधायक महिला बामनवास विधानसभा क्षेत्र की पहली महिला विधायक बनी इंदिरा मीणा का जन्म अगस्त 1987 में हुआ। निवाई विधानसभा क्षेत्र में जन्मी इंदिरा मीणा का विवाह उपखंड क्षेत्र बौंली की ग्राम पंचायत लाखनपुर के खेड़ा गांव में एक सरकारी अध्यापक से हुआ था। इंदिरा मीणा ने राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय से सीनियर सेकेंडरी परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद इग्नू से स्नातक व स्नातककोत्तर की डिग्री ली। विधायक इंद्रा मीणा 2007 से ही राजनीति में सक्रिय हैं।2007 में यूथ कांग्रेस की सचिव बनने के साथ उन्होंने अपनी राजनीतिक पारी का आगाज किया।इसके बाद महिला कांग्रेस कमेटी की जिला महासचिव बनी। इंदिरा मीणा 2010 से 2018 के बीच जिला सतर्कता समिति,बीसूका,बाल कल्याण समिति जैसी दर्जनभर राजनीतिक नियुक्तियों पर पदासीन रही। 2018 में कांग्रेस के टिकट पर इंदिरा मीणा चुनाव लड़ी और निकटतम प्रतिद्वंदी पूर्व विधायक नवल किशोर मीणा को 38513 मतों से पराजित कर त्रिकोणीय मुकाबले में जीती। 2023 के विधानसभा चुनाव में एंटीइंकमबेंसी व भाजपा की लहर के बावजूद इंदिरा मीणा ने भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र मीणा को लगभग 8000 मतों से पराजित किया। अपने बेबाक अंदाज के लिए इंद्रा मीणा एक दिग्गज नेता के रूप में अपने आपको स्थापित कर चुकी है।वहीं विधानसभा में भी इंदिरा मीणा का बेबाक अंदाज कांग्रेसी आलाकमान को खूब लुभाता है।विधायक इंद्रा मीणा लगातार फील्ड में सक्रिय रहती हैं व जनता की आवाज बनकर लगातार विधानसभा में मुद्दे उठाती हैं।


