भरतपुर दुग्ध उत्पादक सहकारी लिमिटेड के एमडी व चेयरमैन का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। जहां भरतपुर डेयरी की अध्यक्ष सुशीला भूतौली ने न्यायालय के माध्यम से एमडी डॉ. राजेश नारायण व प्रयोगशाला प्रभारी चिंकी तिवारी व संविदा कर्मी पुष्पेंद्र सिंह ,व्हाइट गंगा फ्रूट प्राइवेट लिमिटेड मालिक विक्रम सिंह के खिलाफ थाना उद्योग नगर में धाराएं 61(2)ए, 303(2), 316(2) , 318(4), 336(3), 338, 340(2), 344 में एफआईआर दर्ज कराई। चेयरमैन सुशीला भूतौली ने बताया कि अवैध तरीके से एमडी और दो डेयरी के कर्मचारी व्हाइट गंगा फ्रूट प्राइवेट लिमिटेड को दूध बेचते हैं। इस घोटाले में व्हाइट गंगा फ्रूट प्राइवेट लिमिटेड का मालिक विक्रम सिंह शामिल है। यह सभी लोग सरस डेयरी के अंदर घोटाला करने में लगे हुए हैं। सरस डेयरी की प्रयोगशाला से जो दूध बाहर जाता है। उसकी फेट और एसएनएफ का रिकॉर्ड चारों के पास रहता है। उसकी डिसपेच बुक प्रयोगशाला में जारी की जाती है। हर नोट का डिसपेच अलग-अलग होता है। हर फेट में एसएनएफ का रिकॉर्ड होता है। उसके बाद ही गेट पास देकर प्रयोगशाला से दूध बाहर भेजा जाता है। गेट पास की एक कॉपी गेट पर लगे गार्ड के पास होती है। चारों लोगों ने 7 दिसंबर 2024 को 9590 लीटर दूध अवैध तरीके से बाहर भेज दिया। इस दूध की कीमत 5 लाख 25 हजार रुपये है। जिसका रिकॉर्ड डिस्पेजबुक में नहीं है। यह मामला सामने आने के बाद बाद में दूध के कंटेनर को रिकॉर्ड में लिया गया। 19 दिसंबर 2024 को भी उद्योग नगर में शिकायत भी दी थी लेकिन, पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की, जिसके बाद दोबारा अपनी शिकायत की जानकारी लेने के लिए थाने पर गई। जिस पर पुलिसकर्मियों ने कह दिया की पहले वह उच्च अधिकारियों से आदेश लेकर आये। किसी ने भी एमडी के खिलाफ एफआईआर दर्ज ही नहीं की। “16 दिसंबर को टैंकर बेचने का प्रकरण सामने था। 19 दिसंबर को सबूत के साथ मामला सबके सामने लाया। उद्योग नगर थाने ने शिकायत नहीं ली। कलक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। न्यायालय से मुकदमा 3 मार्च को दर्ज कराया।”
-राजाराम भूतौली, चेयरमैन पति “भरतपुर संघ के आर्थिक व सहकारी ढांचे को ध्वस्त करने में चेयरमैन सुशीला भूतौली का सहयोग रहा है। मैंने संघ में घोटाला करने वाले, चोरी करने वालों को रोका है। इसलिए बौखलाहट में ये सब किया जा रहा है। सभी आरोप निराधार है। एफआईआर से कुछ नहीं होता। जांच में दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा।”
-डॉ. राजेश नारायण जाट, एमडी (भरतपुर दुग्ध उत्पादक सहकारी लिमिटेड)


