पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) प्रताप सिंह बाजवा ने गुरदासपुर जिले के गांव निमाणा में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं पर हुए हमले को लेकर राज्य सरकार और विरोधियों पर करारा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समय पंजाब में पूरी तरह से “जंगलराज और गुंडागर्दी” का माहौल है, जिसके चलते कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को सरेआम निशाना बनाया जा रहा है। प्रताप सिंह बाजवा ने हाल ही में कादियां विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आते गांव निमाणा में हुई अंधाधुंध फायरिंग और तेजधार हथियारों से हुए हमले में घायल हुए कांग्रेस नेता राजपाल मसीह और जितेंद्र मसीह से मिलने गुरदासपुर के सरकारी अस्पताल का दौरा किया। बाजवा ने डॉक्टरों से घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और पीड़ित परिवारों को हर संभव कानूनी व नैतिक सहयोग का आश्वासन दिया। ‘पगड़ी उतारने वालों को नहीं बख्शा जाएगा’ इसके बाद बाजवा कादियां नगर परिषद चुनाव के दौरान मारपीट का शिकार हुए कांग्रेस नेता सरपंच जसपाल सिंह का हालचाल जानने उनके गांव भैणी पसवाल भी पहुंचे। वहां जसपाल सिंह के साथ उनके दर्जनों समर्थक मौजूद थे। घटना पर कड़ा रोष व्यक्त करते हुए बाजवा ने दो टूक कहा कि सरपंच जसपाल सिंह के साथ धक्का-मुक्की करने और उनकी पगड़ी उछालने वाले असामाजिक तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। अवैध माइनिंग को राजनीतिक संरक्षण का आरोप पत्रकारों से बातचीत में नेता प्रतिपक्ष ने राज्य की कानून-व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि गुरदासपुर-पठानकोट बेल्ट में बड़े पैमाने पर हो रही अवैध माइनिंग को सत्ताधारी नेताओं का सीधा राजनीतिक संरक्षण हासिल है, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंच रहा है। बाजवा ने चेतावनी दी कि भविष्य में कांग्रेस सरकार बनने पर भ्रष्टाचार, अवैध खनन और गुंडागर्दी में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर उनके साथ सरपंच गगनदीप सिंह निमाणा, जिला परिषद सदस्य भूपिंदर सिंह, मंदीप सिंह मन्ना, लखविंदर सिंह छिछरा, बनियान मसीह, रविंदर मसीह, लखविंदर सिंह लाखा, कुलदीप सिंह पंच, बिक्रमजीत सिंह, ओंकार सिंह और सुरजीत सिंह समेत बड़ी संख्या में स्थानीय कांग्रेसी नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे।


