सावन एक-आस्थाएं अनेक: पूजा-प्रवचन और अरदास के साथ श्रद्धालुओं ने किया स्वागत

भास्कर न्यूज | लुधियाना सावन मास की शुरुआत के साथ ही शहर का धार्मिक और सामाजिक वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। सावन सिर्फ एक महीना नहीं बल्कि लुधियाना की सांस्कृतिक व धार्मिक विविधता का ऐसा सुंदर संगम बनकर उभरा जहाँ अलग-अलग धर्म-संप्रदाय अपने-अपने अनूठे विधानों से आत्म-शुद्धि, साधना और नाम-सिमरण का संकल्प ले रहे हैं। कहीं शिवालयों में जल चढ़ाने के लिए तड़के से ही श्रद्धालुओं की कतारें देखने को मिलीं तो कहीं जैन स्थानकों में चातुर्मास के तहत अहिंसा व जप का दौर शुरू हो गया। जीटी रोड स्थित बुद्ध विहार में वर्षावास की शांति देखने को मिली तो ऐतिहासिक गुरुद्वारों में सावन की बाणी का विचार संगत के मन को तरोताजा करता रहा। सावन के पहले दिन शहर के प्रमुख और ऐतिहासिक मंदिरों में तड़के से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। लुधियाना के प्राचीन संगला वाला शिवालय, श्री दंडी स्वामी तपोवन आश्रम, जगराओं पुल के पास स्थित दुर्गा माता मंदिर शिवालय, सराभा नगर स्थित श्री नवदुर्गा मंदिर और बीआरएस नगर स्थित श्री दुर्गा माता मंदिर के शिवालयों में सुबह से ही विशेष पूजा-अर्चना और जलाभिषेक का दौर चला। पूरे माह यहाँ रुद्राभिषेक, शिव महापुराण कथा, संकीर्तन और सोमवार व्रतों का विशेष आयोजन रहेगा। भगवान बुद्ध के काल से चली आ रही वर्षावास (वस्सा) की परंपरा के तहत जीटी रोड, भट्टियां बेट लाडोवाल के पास, हार्डीज़ वर्ल्ड से ठीक पहले स्थित तक्षशिला महा बुद्ध विहार में बौद्ध भिक्षु तीन महीने का प्रवास कर गहन साधना और ध्यान कर रहे हैं। इस दौरान श्रद्धालुओं ने विहार पहुंचकर भिक्षुओं से सदुपदेश सुने, दान-चीवर अर्पित किए और धम्म चर्चा में भाग लिया।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *