भास्कर न्यूज |लुधियाना वीरवार सुबह करीब 2 घंटे हुई बरसात ने पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के बुनियादी ढांचे और बड़े-बड़े दावों की हवा निकालकर रख दी। सुबह 7 बजे जैसे ही बारिश शुरू हुई, शहर के विभिन्न हिस्सों के लगभग 40 फीडर अचानक बंद हो गए। इसका सीधा असर आम जनता, स्कूली बच्चों और काम पर जाने वाले लोगों पर पड़ा। सुबह 7 से लेकर दोपहर 12 बजे तक (पूरे 5 घंटे) बिजली गायब रहने से घरों में पानी की सप्लाई तक ठप हो गई। दुगरी, मॉडल टाउन, सराभा नगर, धांधरां रोड, फोकल पॉइंट, सिविल लाइंस, हैबोवाल और जालंधर बायपास सहित शहर के तमाम प्रमुख रिहायशी व व्यावसायिक इलाकों में बिजली गुल रही। वहीं इंडस्ट्रियल एरिया में बिजली व्यवस्था का बेहद बुरा हाल है। लाइट ना होने कारण फैक्ट्रियों को डीजल से चलाना पड़ा, जिसे इंडस्ट्री को लाखों का नुकसान हुआ। पीएसपीसीएल की आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, बिजली गुल होते ही विभाग के शिकायत नंबर 1912 पर फोन लगातार शिकायतें आईं। दोपहर तक कुल 33,641 शिकायतें दर्ज की गईं। हालांकि, विभाग का दावा है कि दोपहर 1 बजे तक इनमें से 70 प्रतिशत शिकायतों का समाधान कर दिया गया था, लेकिन तब तक शहरवासियों का आधा दिन बर्बाद हो चुका था। हैरानी की बात यह है कि पीएसपीसीएल ने इसी साल मार्च महीने में प्री-मानसून मेंटेनेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार के नाम पर करोड़ों रुपए की लागत से नए ट्रांसफार्मर और लाइनें लगाई थीं। लुधियाना सर्किल में तारों को बदलने, ट्रांसफार्मर अपग्रेड करने और ट्रिमिंग (पेड़ों की कटाई) के नाम पर भारी बजट खर्च किया गया था।बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विभाग ने 99 नए फीडर स्थापित किए हैं। इसके अलावा 212 नए ट्रांसफॉर्मर लगाए गए, जबकि 943 ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाई (ऑगमेंट) गई है। इन विकास कार्यों पर विभाग ने ₹83.65 करोड़ खर्च किए हैं। विभाग का दावा है कि इन कार्यों से बिजली आपूर्ति अधिक सुचारु होगी और ओवरलोडिंग की समस्या में कमी आएगी।


