कभी फोर्स को देख भागते थे, अब पहुंच रहे कैंप:ग्रामीण बोले-नक्सलवाद से घुटन होती थी, अब आजाद हैं, 12किमी पैदल स्कूल जाने वाली छात्राओं को मिली साइकिल

छ्त्तीसगढ़ में बस्तर की इंद्रावती नदी के पार बसे गांव के ग्रामीणों का कहना है कि नक्सलवाद से घुटन होती है। लेकिन, अब जब नक्सलवाद खत्म हो रहा है तो आजादी महसूस कर रहे हैं। ये उस इलाके के वे ग्रामीण हैं जो पहले पुलिस फोर्स को देखकर भाग जाया करते थे। लेकिन अब खुद बिना डरे बेझिझक होकर फोर्स के कैंप पहुंच रहे हैं। सामान ले रहे हैं। इलाज करवा रहे हैं। दरअसल, छिंदनार में CRPF 195 बटालियन का कैंप है। इंद्रावती नदी पर बने छिंदनार-पाहुरनार पुल की सुरक्षा समेत इलाके में नक्सलवाद खत्म करने यहां कैंप स्थापित किया गया है। CRPF के जवान नक्सल प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों का विश्वास जीत रही है। CRPF के जवानों ने शिविक एक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया। जब इसकी जानकारी नदी पार के करीब 9 गांव के ग्रामीणों को मिली तो वे खुद कैंप पहुंच गए। 9 गांव के ग्रामीण पहुंचे यहां CRPF ने पाहुरनार, बड़े करका, छोटे करका, तुमरीगुंडा, चेरपाल, हांदावाड़ा समेत अन्य अंदरूनी इलाके के ग्रामीणों को जरूरत का सामान बांटा। इतना ही नहीं ग्रामीण खुद अपने जरूरत का सामान भी मांगे। CRPF ने सामान दिया। शिक्षा की राह हुई आसान खास बात रही की CRPF ने स्कूली छात्राओं और आंगनबाड़ी सहायिका को साइकिल का वितरण किया। छात्राएं करीब 12 किमी का सफर तक कर पैदल ही स्कूल आती-जाती थीं। ऐसे में अब उनकी शिक्षा की राह आसान हुई है। क्या कहा छात्राओं ने? “मेरा नाम सरिता यादव है। इंद्रावती नदी पार बसे छोटे करका गांव की रहने वाली हूं। छिंदनार में 9वीं क्लास में पढ़ाई करती हूं। पिता-भाई नहीं हैं। मां किसान है। पढ़ने के लिए हरदिन 12 किमी पैदल सफर तय कर घर से स्कूल तक आना-जाना करती हूं। घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। इसलिए कभी साइकिल तक नहीं खरीद पाई। अब CRPF ने साइकिल दी है। जिससे मेरी शिक्षा की राह आसान होगी।” “मेरा नाम दीपिका ठाकुर है। मैं छोटे छिंदनार की रहने वाली हूं। छिंदनार में 11वीं क्लास की छात्रा हूं। घर से 6 किमी की दूरी पर स्कूल है। पैदल जाती और आती हूं। कुल 12 किमी चलना पड़ता है। जिससे थकान इतनी हो जाती है कि घर पहुंचकर पढ़ने का भी मन नहीं होता। लेकिन अब मुझे भी साइकिल मिल गई है। जिससे अब स्कूल आने-जाने में काफी आसानी होगी। जल्दी पहुंच जाऊंगी।” क्रिकेट कीट, महिलाओं को साड़ी भी दी CRPF 195 बटालियन ने इंद्रावती नदी पार की क्रिकेट टीम को क्रिकेट कीट दी। बच्चों को फुटबॉल, वॉलीबॉल, भी दिया। वहीं महिलाओं को साड़ी, पुरुषों को भी अन्य कपड़े दिए। ग्रामीण बोले- सहयोग करते हैं जवान इंद्रावती नदी पार के ग्रामीणों ने कहा कि CRPF के जवान हमारा सहयोग करते हैं। समय-समय पर राशन से लेकर अन्य सामान हमें देते रहते हैं। साथ ही मेडिकल कैंप लगाकर ग्रामीणों का इलाज भी किया जाता है। पहले जब इंद्रावती नदी पर पुल नहीं था तो काफी तकलीफों का सामना करना पड़ता था। वहां नक्सलियों का आतंक था। लेकिन अब कैंप स्थापित होने और पुल बनने के बाद थोड़ी राहत मिली है। अफसर बोले- हमने ग्रामीणों का दिल जीता CRPF के सहायक कमांडेंट हिमांशु लाल ने दैनिक भास्कर से कहा कि, फोर्स सिर्फ हार्ड पावर टूल्स का इस्तेमाल नहीं करती, सॉफ्ट पवार टूल्स का भी इस्तेमाल करती है। शिविक एक्शन प्रोग्राम सॉफ्ट पावर टूल्स है। CRPF 195 बटालियन के कमांडेंट राजीव कुमार के निर्देश पर हमने छिंदनार में शिविक एक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया है। इस कार्यक्रम में अति संवेदनशील कुल 9 गांव के 300 से ज्यादा ग्रामीण पहुंचे। हमने इनका भरोसा और दिल जीता है। इसलिए ये यहां बेझिझक होकर आए हैं।

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