फतेहगढ़ साहिब में वर्ष 2025 की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान 9 हजार से अधिक मामलों पर विचार-विमर्श हुआ। अदालत की सबसे बड़ी उपलब्धि रही कि 11 साल से अलग रह रहे एक पति-पत्नी को एक करने में सफलता मिली। दोनों तलाक का केस लड़ रहे थे, लेकिन आपसी सहमति से अब एक परिवार के रूप में रहने को तैयार हो गए। जिले में कुल 10 बेंच लगाई गई जिला एवं सेशन जज तथा जिला कानूनी सेवाएं अथारिटी के चेयरमैन अरुण गुप्ता ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में कुल 10 बेंच लगाई गई। इनमें से 7 बेंच जिला स्तर पर हैं। अमलोह में 2 और खमाणों में 1 बेंच स्थापित की गई। कुल 9,145 केसों पर चर्चा की जा रही है। समझौता होने पर कोर्ट फीस वापस लोक अदालत में पारिवारिक विवाद, ट्रैफिक चालान और आर्थिक मामलों पर सहमति बनाने का प्रयास किया जाता है। समझौता होने पर कोर्ट फीस वापस कर दी जाती है। महत्वपूर्ण बात यह है कि लोक अदालत के फैसले को किसी भी अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती।


