कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को और पदक मिला है। अमृतसर के रहने वाले वेटलिफ्टर लवप्रीत सिंह ने पुरुषों के 110 प्लस किलोग्राम भारवर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया।इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद अमृतसर के उनके गांव में खुशी का माहौल है। परिवार, रिश्तेदार और ग्रामीण ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मना रहे हैं और एक-दूसरे का मुंह मीठा कराकर अपनी खुशी जाहिर कर रहे हैं। लवप्रीत सिंह भारतीय नौसेना में जवान के रूप में देश की सेवा भी कर रहे हैं, जिससे उनकी इस उपलब्धि का महत्व और बढ़ गया है। गांव के सरपंच जुगराज सिंह ने कहा कि लवप्रीत ने अपने परिवार, गांव और पूरे देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने बताया कि करीब 10 से 12 वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद लवप्रीत ने यह मुकाम हासिल किया है। लवप्रीत के पिता किरपाल सिंह ने बताया कि बेटे ने प्रतियोगिता पर रवाना होने से पहले पदक जीतकर लौटने का वादा किया था, जिसे उसने पूरा कर दिखाया। वहीं, उनकी माता सुखविंदर कौर ने इसे वाहेगुरु की कृपा और बेटे की अथक मेहनत का फल बताया। पूरे गांव को अब उम्मीद है कि लवप्रीत सिंह भविष्य में ओलंपिक में भी भारत के लिए पदक जीतकर देश का गौरव और बढ़ाएंगे। लवप्रीत ने स्नैच में 176 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 212 किलोग्राम, यानी कुल 388 किलोग्राम वजन उठाया। वह गोल्ड मेडल से महज 1 किलोग्राम पीछे रह गए। न्यूजीलैंड के डेविड एंड्रयू लिटी ने 389 किलोग्राम के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि इंग्लैंड के एंड्रयू ग्रिफिथ को कांस्य पदक मिला। अमृतसर के सीमावर्ती गांव बल सचंदर के रहने वाले लवप्रीत एक साधारण परिवार से हैं। उनके पिता दर्जी हैं, जबकि दादा सब्जियां बेचकर परिवार का गुजारा करते थे।


