श्री अकाल तख्त साहिब अमृतसर से तख्त श्री दमदमा साहिब तक निकाले जा रहे मीरी-पीरी खालसा मार्च का शुक्रवार को फरीदकोट पहुंचने पर संगत ने स्वागत किया। सिख जत्थेबंदियों ने मार्च की अगुवाई कर रहे जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज को सम्मानित किया। इस दौरान जत्थेदार गड़गज ने कहा कि वर्तमान समय में सिख कौम का एकजुट रहना बेहद आवश्यक है। उन्होंने पंजाब में बढ़ रहे नशे पर भी चिंता व्यक्त करते हुए सरकार कुछ नहीं कर रही,पंजाब में नशे की होम डिलीवरी हो रही है। उन्होंने कहा कि कौम को चढ़दी कला में रहकर ही अपनी पहचान, शक्ति और गौरव को बनाए रखा जा सकता है। सिख कौम पंथ विरोधी ताकतों से रहे सतर्क गड़गज ने संगत से आह्वान किया कि वे अपने स्तर पर युवाओं को नशों से दूर रखने, उन्हें दाढ़ी-केश रखने तथा गुरु साहिबान की शिक्षाओं से जोड़ने के लिए प्रेरित करें। साथ ही उन्होंने हर सिख दंपति को कम से कम तीन बच्चे पैदा करने का आहवान किया। उन्होंने यह भी कहा कि आज सिख कौम को पंथ विरोधी ताकतों और पंथ के विरोधियों की साजिशों से भी सतर्क रहने की जरूरत है। श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता का संदेश जन-जन तक पहुंचाएंगे छठे पातशाह श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी के मीरी-पीरी सिद्धांत, सिख कौम की एकता तथा श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से निकाले जा रहे इस मार्च में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप के साथ-साथ श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी के पावन शस्त्रों के भी संगतों ने श्रद्धापूर्वक दर्शन किए। 24 जुलाई को शुरू हुआ था मार्च 24 जुलाई को श्री अकाल तख्त साहिब से आरंभ हुआ यह खालसा मार्च 3 अगस्त 2026 को तख्त श्री दमदमा साहिब में संपन्न होगा। यह मार्च रात्रि विश्राम के उपरांत शुक्रवार सुबह गुरुद्वारा खालसा दीवान सेप्रारंभ हुआ। फरीदकोट शहर के अलावा गांव संधवां, कोटकपूरा, ढिलवां कलां, बहिबल कलां, बरगाड़ी समेत अन्य स्थानों पर संगत ने खालसा मार्च का स्वागत किया। मीरी-पीरी खालसा मार्च की तस्वीरें-


