फाजिल्का नगर कौंसिल में प्रधान की कुर्सी को लेकर भाजपा और आम आदमी पार्टी के नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। विवाद उस समय शुरू हुआ जब नगर कौंसिल में भाजपा समर्थित प्रधान की नियुक्ति के कुछ दिन बाद विधायक सवना नगर कौंसिल कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान भाजपा नेता सुरजीत जियानी ने आरोप लगाया कि विधायक को नगर प्रधान की कुर्सी पर बैठने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि विधायक नगर कौंसिल की प्रधान वाली कुर्सी पर बैठे नजर आए। अब जब विधायक सवना दोबारा नगर कौंसिल पहुंचे तो उन्होंने सुरजीत जियानी की एक तस्वीर दिखाते हुए पलटवार किया। विधायक ने कहा कि अपनी सरकार के समय सुरजीत जियानी भी नगर प्रधान की कुर्सी पर बैठते थे। वहीं, इस बार विधायक की मौजूदगी के दौरान नगर प्रधान की कुर्सी को अलग रख दिया गया। प्रधान के चुनाव को लेकर मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा जानकारी के अनुसार, फाजिल्का नगर कौंसिल चुनाव में आम आदमी पार्टी को 25 वार्डों में से केवल 5 सीटें मिली थीं, जबकि भाजपा ने 11 और कांग्रेस ने 9 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इसके बाद नगर प्रधान के चुनाव को लेकर मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा। कोर्ट के दखल के बाद हुए चुनाव में भाजपा ने अपना नगर प्रधान बना लिया। नगर कौंसिल कार्यालय पहुंचकर इन आरोपों का जवाब दिया इसके बाद नगर कौंसिल कार्यालय पहुंचे आम आदमी पार्टी विधायक सवना को लेकर भाजपा नेता और पूर्व विधायक सुरजीत जियानी ने सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि विधायक नगर प्रधान की कुर्सी पर नहीं बैठ सकते। अब विधायक सवना ने दोबारा नगर कौंसिल कार्यालय पहुंचकर इन आरोपों का जवाब दिया। कुर्सी को प्रधान के कार्यालय में एक तरफ रख दिया उन्होंने कहा कि नगर प्रधान की कुर्सी को प्रधान के कार्यालय में एक तरफ रख दिया गया है, जबकि वह अन्य कुर्सी पर बैठे हैं। विधायक ने सुरजीत जियानी की एक तस्वीर दिखाते हुए तंज कसा और कहा कि भाजपा नेता अपनी सरकार के समय नगर कौंसिल में प्रधान की कुर्सी पर बैठकर कामकाज करते रहे हैं। उन्होंने भाजपा नेताओं को ऐसी राजनीति से बचने और साफ-सुथरी राजनीति कर जनता के बीच जाने की सलाह दी।


